0 तापमान 26 और सात डिग्री के बीच

0 मौसम के बदले तेवर ने बढ़ाया ठंड का असर

पᆬोटो नंबर-27केओ27- अलाव तापते लोग ।

कोरबा । नईदुनिया प्रतिनिधि

मकर संक्रांति और सूर्य उत्तरायण के लगभग पखवाड़े भर बाद भी कड़ाके की ठंड का असर जारी है। रविवार को पूरे दिन तापमान अधिकतम 25 से देर रात न्यूनतम सात डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। पिछले दो दिन से आसमान में बदली व छिटपुट बारिश से ठंड में इजापᆬा हुआ है। वनांचल ग्रामीण क्षेत्रों में शीत प्रकोप का असर जारी है। ठंड से बचने लोग गर्म कपड़े व अलाव का सहारा ले रहे हैं। धूप छांव के साथ जारी मौसमी परिवर्तन से लोग मौसम सापᆬ होने का इंतजार कर रहे हैं।

आसमान में बदली होने के साथ तेज शीत लहर का बहाव शुरू हो गया है। सुबह से धूप का हर किसी को इंतजार रहता है, किंतु पिछले तीन दिन से आसमान में बदली का दौर जारी रहने से वातावरण में मौसम की बदमिजाजी का असर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। विभाग की मानें तो आने वाले कुछ दिनों तक शीत लहर का प्रकोप जारी रहेगा। खासकर लेमरू, देवपहरी, बाल्को, पोड़ी-उपरोड़ा के पर्वतीय क्षेत्रों में शीत लहर व कोहरे का अधिक असर देखा जा रहा है। बीते वर्ष जहां जनवरी माह के दूसरे सप्ताह तक तापमान 27 से आठ डिग्री सेल्सियस था। तापमान में आई कमी के कारण प्रशासनिक कार्यालयों के अलावा अन्य क्षेत्रों में कामकाज पर असर होने लगा है। मौसम में तेजी से जारी परिवर्तन से सर्दी जुकाम जैसी बीमारियों के बढ़ने के साथ स्नोफिलिया का असर देखा जा रहा है।

दिन छोटा, रात बड़ी

दिन छोटा व रात बड़ी होने के कारण शाम 5.30 के बाद अंधेरा पसर जाता है। शीत लहर का प्रकोप होने से देर शाम के समय सड़कों में सन्नाटा पसर जाता है। ठंड का असर होने से लोग देर शाम यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं। घना कोहरा होने से वाहन चालकों को भी देर शाम समस्या होती है।

पानी गेहूं के लिए बेहतर

मौसम के जानकारों की मानें तो जनवरी माह में प्रतिवर्ष शीतोष्ण वर्षा होती है, जो जारी है। वर्षा को गेहूं पᆬसल के लिए बेहतर माना जा रहा है। वहीं दलहन व सब्जी के लिए हानिकर हो साबित हो रहा है। मौसमी परिवर्तन को देखते हुए यह माना जा रहा है कि पिछले वर्ष की अपेक्षा ग्रीष्म तेज रहेगा।

पिछले चार दिन का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

दिनअधिकतम-न्यूनतम

गुरुवार26-08

शुक्रवार26-07

शनिवार25-06

रविवार25-07