कोरबा, नईदुनिया प्रतिनिधि। ग्राम नकटीखार में स्थित हिमाद्री केमिकल के गोदाम में अचानक आग लग गई। कोलतार रॉ मटेरियल की खाली बोरियां धू-धूकर जलने लगी। 15 से 20 फीट ऊंची लपटें उठती रही। केमिकल की वजह से काला धुआं का गुबार आसमान में छा गया। इससे वातावरण बुरी तरह प्रदूषित हुआ। आग लगने की खबर से आसपास में रहने वालों के बीच हड़कंप मच गया। तीन दमकल की टीम ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत बाद किसी तरह आग पर काबू पाया।

झगरहा के समीप ग्राम नकटीखार में हिमाद्री केमिकल की फैक्ट्री संचालित है। फैक्ट्री प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर समय-समय पर आरोप लगते रहे हैं। फैक्ट्री से उत्सर्जित वेस्टेज मटेरियल व प्रदूषण के कारण आसपास निवासरत लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रबंधन कोलतार की बोरियो को फैक्ट्री के पीछे गोदाम में ही डंप करके रखा हुआ है। सोमवार को दोपहर अचानक इन बोरियों में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ज्वलनशील केमिकल होने के कारण आग की लपटें दूर से दिखाई दे रही थी।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास क्षेत्र में निवासरत लोगों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दमकल बुलाकर आग पर काबू पाया गया। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि प्रबंधन के पास अतिरिक्त गोदाम नहीं है और बोरियां खाली होने के बाद पीछे फेंक दिया जाता है। जगह नहीं होने से प्रबंधन द्वारा जानबूझकर आग लगाए जाने से इनकार नहीं किया जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस एवं पर्यावरण के अधिकारी स्थल पहुंच गए। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

उल्लंघन का मिल चुका है नोटिस

प्लांट एरिया में बोरियां रखे जाने की जानकारी मिलने पर पर्यावरण विभाग ने प्रबंधन को नोटिस थमाया था। बावजूद प्रबंधन नोटिस को दरकिनार कर बोरियों का भंडारण कर रहा था। प्रबंधन ने नोटिस मिलने की बात स्वीकारते हुए कहा कि बोरियों का पुनः उपयोग किया जाता है, इसलिए पीछे रखा गया था।

पहले भी होती रही कायदों की अनदेखी

हिमाद्री केमिकल में पर्यावरण नियमों की सदैव अनदेखी की जाती रही है। नियमानुसार कोलतार को कंटेनर में लाया जाना चाहिए, पर खुली गाड़ी में विशाखापट्टनम से लाया जाता है। केमिकल होने के कारण क्षेत्र के लोगों की आंखों में जलन और शरीर में खुजली होती है। इसकी शिकायत कई बार पर्यावरण विभाग के समक्ष की गई, पर विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।

फैक्ट्री के पीछे खाली बोरी में आग लगी है। दमकल के माध्यम से आग पर काबू पाया गया है। बोरियों का अवैध भंडारण नहीं किया गया। बोरियां पुनः उपयोग की जाती है, इसलिए वापस भेजने के लिए रखा गया था। जानबूझकर आग लगाए जाने की बात गलत है। - अशोक चौधरी, मटेरियल मैनेजर, हिमाद्री केमिकल