कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

हमारा अगला सांसद कौन होगा, यह जानने की उत्सुकता तो हर किसी को थी, पर गुरुवार को महसूस की गई तेज धूप व 44 डिग्री सेल्सियस की गर्मी का असर मतगणना स्थल पर भी दिखाई दिया। स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए आइटी कॉलेज के सामने सन्नाटा था, वहीं 100 मीटर दूर स्थापित कांग्रेस-भाजपा के पंडाल भी वीरान थे। गर्मी के मद्देनजर पंडाल में नतीजों का इंतजार सरल करने कूलर, चाय-नाश्ता व भोजन समेत तमाम इंतजाम मौजूद थे। जिन कार्यकर्ताओं के लिए यह सब किया गया, दिन-भर वे ही नदारद रहे। जब धूप का असर कम हुआ, पंडालों पर रौनक बढ़ती गई और शाम होते-होते विजेता खेमे के समर्थक पहुंचने लगे।

सुबह आठ बजे मतगणना शुरू होने के साथ ही बनते-बिगड़ते रुझानों पर सबकी नजर बराबर लगी रही, पर दस बजते ही तेज धूप में कोई बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा पा रहा था। यही वजह है जो मतगणना स्थल के भीतर जाने वाला बाहर आने को तैयार नहीं था और बाहर लगाए गए दोनों प्रमुख पार्टियों के पंडाल भी सूने थे। कार्यकर्ताओं को पंडाल में बैठकर नतीजों का इंतजार करने धूप व गर्मी से बेहाल न होना पड़े, इसके लिए हर संभव इंतजाम पार्टी की ओर से किया गया था। बावजूद इसके पूरे दिन पंडाल खाली ही नजर आए। जहां कांग्रेस के पंडाल में सात कूलर, चाय-पकोड़ा के साथ दोपहर के भोजन के लिए पीछे रसोई पक रही थी, वहीं भाजपा के पंडाल में भी कुछ ऐसे ही इंतजाम किए गए थे। पर धूप, गर्मी व उमस हलकान समर्थक मतगणना केंद्र में जाने की बजाय घरों या शहर के अन्य स्थानों में दुबके रहे। दोनों ही पार्टियों के कार्यकर्ता के अलावा क्षेत्र के बड़े नेता भी मतगणना केंद्र में नहीं पहुंचे थे। आमतौर पर नजर आने वाले इस वातावरण के विपरीत लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी कम होने के साथ राजनीतिक व्यक्तियों की संख्या भी सीमित होती है। यही वजह है जो गुरुवार को आइटी कॉलेज स्थित मतगणना स्थल के बाहर ऐसा नजारा दिखा। रही-सही कसर दोपहर की हलकान कर देने वाली धूप व गर्मी ने पूरी कर दी और पूरे दिन यहां सन्नाटा पसरा रहा। 100 मीटर दूर केंद्र से भाजपा व उससे 100 मीटर पहले कांग्रेस का पंडाल लगाया गया था।

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मिठाई, फूलमाला व पटाखों के साथ पहुंची भीड़

स्थानीय निकाय एवं विधानसभा चुनाव में बड़ी पार्टियों के अलावा क्षेत्रीय दल व निर्दलीय की संख्या और रुत्बा अलग से दिखाई देता है। परिणामस्वरूप मतगणना के दिन मतगणना स्थल के आसपास मेले सा महौल बन जाता है। इस एक दिन के मेले में राजनीतिक व्यक्तियों, कार्यकर्ता व समर्थकों के अलावा चाय-नाश्ता, झंडे, ठंडा पेय, चना-मूंगफली के साथ अन्य प्रकार के खाद्य पदार्थों की दुकान भी सजा लेते हैं, जिससे चुनाव परिणाम का इंतजार कर रहे कार्यकर्ताओं के अलावा आम लोगों का हुजूम भी इस उत्सव का आनंद लेने शामिल हो जाता है। गुरुवार को शाम पांच बजे के बाद विजेता पार्टी के पंडाल में चहल-पहल दिखने लगी और कांग्रेस समर्थक विजय उत्सव की तैयारियों के साथ मतगणना केंद्र के प्रवेश द्वार के सामने फूलमालाओं, मिठाइयों व आतिशबाजी के लिए पटाखों से लैस होकर जुट गए।

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दिन-भर टीवी-मोबाइल से चिपके रहे शहवासी

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भले ही धूप के असर से मतगणना स्थल पर समर्थकों की भीड़ नदारद रही हो, पर ज्यादातर लोग घर पर बैठकर ही पल-पल के रुझान की जानकारी लेते रहे। दिन-भर टीवी पर न्यूज चैनलों व मोबाइल पर एफबी व अन्य सोशल साइट्स से जुड़े रहे। बच्चे हों या बड़े, बुजर्ग व महिलाओं समेत हर वर्ग और व्यवसाय के लोगों की नजर लगातार पल-पल के रुझान पर बनी रही। गुरुवार को किसी भी घर में सास-बहू का ड्रामा, फिल्म या खेल चैनल की बजाय सभी ने अपने टीवी के रिमोर्ट का इस्तेमाल केवल न्यूज चैनलों को बदलने में किया। एनटीपीसी कॉलोनी यमुना विहार में रहने वाले अश्वनी चंद्रा भी दोपहर को आराम करने की बजाय परिवार समेत टीवी देखने में व्यस्त दिखाई दिए। दोपहर चार बजे के बाद जब नतीजे नजदीक आने लगे, तो घरों से निकल कार्यकर्ता व पदाधिकारी मतगणना केंद्र व अपने-अपने पंडालों में दस्तक देने लगे, तो आम नागरिक अपने-अपने वोट के नतीजों को लेकर पड़ोसियों, दोस्तों व परिचितों से शाम की चाय पर चर्चा के लिए बाहर निकलने लगे।

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भाजपा कार्यालय में लटका रहा ताला

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मतगणना के दौरान कांग्रेस व भाजपा समेत दोनों ही प्रमुख पार्टियों के दफ्तर चहल-पहल से दूर रहे। ट्रांसपोर्ट नगर मुख्यमार्ग स्थित जिला कांग्रेस कमेटी का दफ्तर खुला तो था, पर कार्यकर्ता, पदाधिकारी व समर्थक नहीं पहुंचे थे। यहां एकमात्र पाली-तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा दोपहर के वक्त मौजूद दिखे और वे भी लगातार मतगणना के रुझान देखने व्यस्त थे। दूसरी ओर पंडित दीनदयाल कुंज स्थित जिला भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी तो दूर भवन में ताला लगा रहा। भाजपा प्रत्याशी दुबे घर से निकलकर कोरिया मरवाही की ओर चले गए थे, तो पार्टी के बड़े पदाधिकारी मतगणना स्थल पर थे। अन्य पदाधिकारी, कार्यकर्ता व समर्थक भी घरों व अन्य स्थानों पर दुबके रहे।