कोरबा। जहरीली शराब पीने से दो की जान चले जाने का मामला सामने आया है। करीब चार माह पहले तालाब किनारे दो वृद्ध की लाश एक साथ मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आया है, उससे सुनकर कोई भी भौचक रह जाए। कच्ची शराब बेचने वाला अधिक नशे के लिए शराब में मच्छर मारने वाला क्वाइल मिलाया करता था। क्वाइल की मात्रा अधिक हो जाने की वजह से दोनों वृद्ध की शराब पीते ही मौके पर मौत हो गई।

हरदीबाजार के भलपहरी गांव में एक मई की रात को डबरी तालाब के पास गांव में रहने वाले कांताप्रसाद तिवारी पिता रामकिशुन (65) और लखन सिंह कंवर पिता धनसिंह (65) की लाश एक साथ मिलने से सनसनी फैल गई थी। इस बात पता तो उसी वक्त चल गया था कि गांव में रहने वाले संतोष यादव के अवैध ठिकाने से दोनों वृद्ध ने देशी कच्ची शराब खरीद कर पी थी।

दोनों की एकसाथ मौत हो जाने की वजह सामने नहीं आई थी, पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ खास तथ्य हाथ नहीं लग सका। बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने मृतकों का बिसरा परीक्षण के लिए एफएसएल रायपुर भेजा था। रिपोर्ट देख कर पुलिस के अधिकारी भौचक रह गए।

दरअसल शराब में इथाइल एल्कोहल की मात्रा 45 एमजी-100 जीएम आया। रिपोर्ट की इंक्वारी कराई गई तो डॉक्टरों ने सीआईएमएस बिलासपुर के एक्सपर्ट डॉक्टर से राय लेने कहा। वहां के फॉरेसिंक विभाग ने स्पष्ट किया कि शराब इस कदर जहरीली थी कि तत्काल पीते ही किसी की मौत हो जाए।

जांच के दौरान पता कि अवैध रूप से शराब बेचने वाले संतोष यादव अधिक नशा के लिए मच्छर मारने की क्वाइल पीस कर मिलाता था। पुलिस ने आरोपी संतोष को धारा 328 के तहत गिरफ्तार कर लिया है।

गांव-गांव बिक रही कच्ची शराब

शराब दुकानों को ठेका में दिए जाने की जगह शासन के खुद चलाए जाने व समय की पाबंदी की वजह से ग्रामीण इलाको में कच्ची शराब की मांग बढ़ गई। यही वजह है कि शराब ठेकेदारों के बिचौलिए कच्ची शराब बेचने के अवैध कारोबार में इन दिनों लिप्त हो गए हैं।

गांव-गांव में ऐसी शराब धड़ल्ले से बना कर बेची जा रही। हरदीबाजार पुलिस के नाक के नीचे कच्ची शराब बेची जा रही थी, पर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और दो लोगों की जान चली गई।

बेशरम जड़ और यूरिया भी मिलाते हैं

कच्ची शराब को और अधिक मादक बनाने के लिए अवैध विक्रेता तरह-तरह के पैंतरे अपनाते हैं। न केवल कच्ची शराब में मच्छर मारने का क्वाइल मिलाया जाता है, बल्कि बेशरम की जड़ी और यूरिया जैसे घातक पदार्थों का भी इस्तेमाल करने से बाज नहीं आते। मात्रा अधिक होने से शराब जहरीली हो जाती है और सेवन करते ही जान चली जाती है।

चाकू से गोदकर कराया था अपराध कबूल

कांता प्रसाद तिवारी के पुत्र भोला प्रसाद ने पहले ही संदेह जाहिर करते हुए कहा था कि गांव में रहने वाले संतोष यादव ने उसके पिता को जहर देकर मारा है। पुलिस की कार्रवाई में विलंब होने से नाराज भोला प्रसाद 15 जुलाई को अपने दोस्त अनिल राठौर के साथ मिल कर संतोष यादव पर लोहे की रॉड से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था, जबकि उसके भाई संजय यादव को बाइक में बैठा कर जंगल ले गया और चाकू से बुरी तरह गोद कर जख्मी कर दिया। जान जाने के डर से संजय यादव ने शराब में जहर मिलाने की बात स्वीकार कर ली थी और इसका वीडियो भोला यादव ने मोबाइल में बना लिया था। इसके बाद ही पुलिस दो बुजुर्गों की मौत के मामले में गंभीर हुई।

- कच्ची शराब जहरीली होने की वजह से एक साथ दो लोगों की मौत होने की घटना हुई थी। बिसरा रिपोर्ट मिलने पर इसकी पुष्टि हुई है। शराब बेचने वाले संतोष यादव के खिलाफ धारा 328 के तहत मामला पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। - तारकेश्वर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक