कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

तरदा के साप्ताहिक बाजार में तरकारी के अलावा दवाएं भी मिल रही थी। यह देख ग्रामीणों को हैरत हुई। मुख्यमंत्री की पहल पर शुरू की गई हाट बाजार चलित चिकित्सा की जानकारी ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रही। शिविर से पहले तरदा समेत पांच गांव में मुनादी कराया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इस वजह से इस योजना की जानकारी ग्रामीणों तक नहीं पहुंच सकी। बावजूद इसके खरीदारी करने बाजार पहुंचने वाले 174 ग्रामीणों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया।

जिले के चार गांव कुकरीचोली, तरदा, खोडरी और चोटिया में सोमवार को चलित चिकित्सा शिविर लगाया गया। नईदुनिया टीम जब वास्तविकता जानने के लिए गांव पहुंची तो बाजार में चिकित्सकों की टीम पहुंच चुकी थी। गांव वालों से इस योजना के बारे में जानकारी ली गई, तो उन्होंने अनभिज्ञता जताई। सरपंच गायत्री सिदार के घर पहुंचने पर पता चला कि वह ग्राम पंचायत के काम से शहर गई है। संपर्क करने पर उनके पति ने बताया कि शिविर की जानकारी देर शाम को मिली। इस वजह से मुनादी नहीं कराई जा सकी। कई लोगों को बाजार आने के बाद पता चला कि यहां स्वास्थ्य अमले ने शिविर लगाया है। ग्रामीणों का कहना कि उन्हें शिविर के बारे में पहले जानकारी होती तो वे सामान्य बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी साथ लेकर आते। ग्राम पंचायत तरदा के अंतर्गत चार आश्रित गांव बैगापाली, भादा, इंदरभांठा और परसाभाठा आता है। आश्रित गांव के लोगों को भी बाजार आने के बाद शिविर के बारे में जानकारी मिली। स्वास्थ्य टीम का नेतृत्व कर रहे सरगबुंदिया स्वास्थ्य केंद्र के डॉ. अमित जाटवर ने बताया कि शिविर के माध्यम से हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर, शुगर, सिकल सेल ऐनिमिया, मलेरिया, पेशाब, प्रेग्नेंसी, एचआइवी, हीपोटाइटिस, कैंसर की प्रारंभिक जांच, नेत्र रोग सहित जटिल एवं असाध्य रोग से पीड़ित लोगों का चिन्हांकन व प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया पीड़ित मरीजों को पखवाड़े भर की दवाएं दी जा रही है। पखवाड़े भर बाद पिᆬर कैंप लगाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। शिविर की शुरुआत दोपहर एक बजे से ही कर दी गई थी। दोपहर बाद बाजार पहुंचे लोगों को जब शिविर लगने की जानकारी हुई, तो उन्हें अपने साथ मरीजों को नहीं लाने का मलाल रहा। शिविर में डॉ. अमित कुमार जाटवर के अलावा लैब टेक्नीशियन जगत राम लदेर, नेत्र सहायक अधिकारी विश्वंभर सिंह कंवर, स्वास्थ्य संयोजक ग्रामीण सुरेश कुशले, मितानिन संतोषी, पिᆬरतीन, रेवती, आशिया, यशोदा केवट, महेतरीन, सुमित्रा जायसवाल, दुर्गा पटेल शामिल थे।

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चिकित्सक टीम के पास एक फ्लेक्स भी नहीं

आनन-पᆬानन में शिविर प्रारंभ किया गया है। इस वजह से स्वास्थ्य टीम के पास एक फ्लेक्स भी नहीं है। इस वजह से ग्रामीण समझ रहे थे कि शहर से दवा बेचने व्यवसायी आया है। मितानिन जानकारी दे रही थीं कि इलाज व दवा निःशुल्क है। बैनर पोस्टर नहीं होने के संबंध में डॉ. जाटवर ने बताया कि यह उनकी प्रारंभिक शिविर है, आगामी शिविर में योजना की जानकारी संबंधित फ्लेक्स लगाया जाएगा।

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जटिल बीमारी से ग्रसित नवीन का इलाज

शिविर के दौरान एक ऐसा भी रहा जिसमें सोचने, समझने, बोलने व चलने में असमर्थ दो साल दो माह के बालक नवीन कुमार का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। नवीन को उसके पिता हरनारायण कैंप में लेकर पहुंचे थे। स्वास्थ्य परीक्षण के पश्चात डॉ. जाटवर ने उसके पिता को बताया कि नवीन के ब्रेन डेवलपमेंट के लिए जिला चिकित्सालय में पिᆬजियोथेरेपी से इलाज किया जाएगा। साथ ही होमियोपैथी की रेग्युलर दवाइयां भी दी जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आयुष्मान भारत से उचित इलाज की सुविधा दी जाएगी।

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132 हाट बाजारों में लगेगा शिविर

योजना के बारे में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीबी बोर्डे ने बताया कि शिविर आयोजन के लिए जिले के 132 ग्राम पंचायातों को चिन्हांकित किया गया है। उन्होंने बताया चिन्हांकन के लिए ऐसे गांव को वरीयता दी गई, जिमसें आसपास के अधिक से अधिक गांव के लोग लाभान्वित हो सकें। 15 दिन बाद उसी बाजार में पिᆬर से कैंप लगाया जाएगा, ताकि मरीजों का पिᆬर से परीक्षण किया जा सके।

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चर्मरोग व हड्डी रोगी अधिक

बाजार में आयोजित चिकित्सा शिविर के दौरान चर्म और अस्थि बाधित मरीजों की तादाद अधिक रही। चर्म के 44 और अस्थि के 39 मरीज परीक्षण कराने पहुंचे थे। बीपी के लिए 38, शुगर 22, एनीमिया 5, सहित एचआइवी, नेत्ररोग के लिए भी लोगों ने परीक्षण कराया। परीक्षण में पीड़ितों का दवाएं प्रदान की गई। चर्म और हड्डी रोग से ग्रसित लोगों को नियमित इलाज कराने की सलाह दी गई।

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क्या कहते हैं ग्रामीण

जानकारी नहीं थी

पᆬोटो नंबर-25केओ3- ओलेश्वर ।

शिविर आयोजन के बारे में जानकारी नहीं है। मेरी जानकारी में गांव में मुनादी नहीं कराई गई है। लोगों को शिविर के बारे में जानकारी दी जाती तो संभवतः अधिक लोग लाभ ले सकते थे।

- ओलेश्वर प्रसाद

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नियमित चले तो अच्छा होगा

पᆬोटो नंबर-25केओ4- मोतीलाल ।

शासन की यह सराहनीय पहल है। चिकित्सालय में जाने पर कई बार डॉक्टर नहीं मिलते। शिविर नियमित चले तो लोगों को लंबे समय तक यह सुविधा मिल सकेगी।

- मोतीलाल

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सामान्य बीमारी के लिए नहीं जाना पड़ेगा दूर

पᆬोटो नंबर-25केओ5- रामदुलार ।

बाजार में शिविर आयोजन के बारे में पहले से जानकारी नहीं थी। आयोजन से सरकारी योजनाओं की जानकारी अधिक लोगों को मिलेगी। साथ ही सामान्य बीमारी के मरीजों का स्थानीय स्तर पर इलाज होगा।

- रामदुलार पटेल

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