कोरबा। बाड़ी में काम कर रही एक 70 साल की वृद्धा की जान घर के दो पालतू कुत्तों ने बचाई। बाड़ी में काम करते वक्त भालू ने अचानक हमला कर दिया। भालू बुरी कदर वृद्धा को नोंच खसोट रहा था, इस दौरान कुत्ते आक्रमक हो गए और भोंकने लगे। भयभीत भालू को भाग खड़े होने पर मजबूर होना पड़ा। इस तरह एक बार फिर कुत्ते के स्वामी भक्त होने की मिसाल देखने को मिला।

यह मामला करतला वन परिक्षेत्र के ग्राम नवापारा का है। यहां रहने वाले वृद्ध दंपती बोधीराम और दूधमती ने घर में अपनी सुरक्षा के लिए दो कुत्ते पाल रखे हैं। दंपती के बच्चे बाहर रहते हैं, इसकी वजह से दोनों गांव में अपना गुजर-बसर कर रहे। दूधमती शुक्रवार की सुबह घर के पीछे बाड़ी में काम कर रही थी।

इसी दौरान एक भालू बाड़ी में आ धमका। ग्राम नवापारा जंगल के काफी करीब है, यही वजह है कि जंगल से निकलकर भालू सीधे उसके बाड़ी में जा पहुंचा। वृद्धा से आमना-सामना होते ही उसने उस पर हमला कर दिया। घटना के वक्त दोनों कुत्ते दूधमती के पास खड़े थे। यह माजरा देख दोनों ने भोंकना शुरू कर दिया और भालू के ऊपर चढ़ाई कर दी।

घबराया भालू वहां से भाग निकला, लेकिन कुछ दूर जाकर वह फिर बैठ गया। तब तक दोनों कुत्ते मालकिन दूधमती के आसपास खड़े रहे और लगातार भोंकते रहे। भालू के हमले से वृद्धा की आंख में चोट आई है। उसे पड़ोसियों की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

उसने कहा कि आज वह जिंदा है तो केवल अपने दोनों पालतू कुत्ते की वजह से, नहीं तो खूंखार भालू मार डालता। दोनों कुत्ते जब छोटे थे, तब से वह इन्हें पाल रही है। जहां भी वह जाती है, कुत्ते उसके पीछे-पीछे पहुंच जाते हैं। बच्चों की तरह घर में हमेशा दोनों दंपती के आगे-पीछे घूमते रहते हैं।

कुत्तों की स्वामी भक्ति को देखकर वृद्धा का भी गला भर आया। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर लोग घरों में कुत्ते पालते हैं। इससे पहले भी कई कुत्तों ने भालू से अपने मालिक की जान बचाई है। वन विभाग ने वृद्धा को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में मात्र 500 रुपये दिए हैं।