कोरबा। नईदुनिया न्यूज

जलवायु परिवर्तन का असर मसूरी जैसे हिल स्टेशन पर भी पड़ रहा है, जो ग्रीष्म ऋतु में भी अपने खुशनुमा मौसम और गुलाबी ठंड के लिए जाना जाता रहा है। मैदानी इलाकों की तरह गर्मी ने यहां पर भी पर्यटकों को हलकान किया। भारी भीड़ और वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी भी इसका का एक कारण है। पहाड़ों की रानी कहलाए जाने वाले इस क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था का अभाव भी देखने को मिला। हाइक, प्रकृति अध्ययन तथा सांस्कृतिक आदान प्रदान शिविर के दौरान प्रतिभागी स्काउटर्स, गाइडर्स ने यह निष्कर्ष निकाला।

नौ दिवसीय उत्तराखंड राज्य हाइक, प्रकृति अध्ययन तथा सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम में जिले से 33 प्रतिभागी सम्मिलित हुए। इनमें जिले के प्रमुख पदाधिकारी, स्काउट गाइड शिक्षकों सहित सीनियर रोवर्स, रेंजर्स शामिल थे। दल का मुख्य पड़ाव भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तराखंड राज्य के देहरादून स्थित कैंपिंग सेंटर में था। यह कैंपिंग सेंटर शहर से बाहर फॉरेस्ट रिजर्व एरिया में था। हाइक व प्रकृति अध्ययन शिविर के पहले दिवस मसूरी की यात्रा की गई। इस दौरान यहां जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखा गया तथा इसके कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया। मसूरी में कई साइट सीन का भी अवलोकन किया गया। कैंप साइट पर प्राचार्य बीएस पैकरा के मुख्य आतिथ्य में कैंप फायर का आयोजन हुआ। दूसरे दिवस प्रतिभागियों ने देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान में वन क्षेत्र के संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियों प्राप्त की। देहरादून में सहस्त्रधारा, रॉबर्स केव आदि स्थानों का भ्रमण किया गया। कैंप साइट पर ग्रैंड कैंप फायर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारत स्काउट्स एवं गाइड्स उत्तराखंड प्रादेशिक सचिव रविंद्र मोहन काला उपस्थित हुए। अध्यक्षता दल का नेतृत्व कर रहे जिला मुख्य आयुक्त मोहम्मद सादिक शेख ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजीव शर्मा, कैंपिंग सेंटर देहरादून के इंस्ट्रक्टर राहुल रातौरी, कोरबा के प्राचार्य व बेसिक कमिश्नर बीएस पैकरा, जिला सचिव भरत सिंह वर्मा, जिला संयुक्त सचिव रेखारानी लाल, जिला सहायक सचिव आरके सिंह, डीटीसी (गाइड) गनेशी सोनकर, डीओसी उत्तरा मानिकपुरी उपस्थित थीं। मुख्य अतिथि काला व विशिष्ट अतिथि डॉ. शर्मा, रातौरी को जिले की ओर से प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने देहरादून कैंपिंग सेंटर के लिए प्रादेशिक सचिव को ढाई हजार की सहयोग राशि भी भेंट की। इस दौरान जिले के प्रतिभागियों ने छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़े लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी। तीसरे व चौथे दिवस ऋषिकेश, हरिद्वार शहर की यात्रा की गई तथा यहां के प्राकृतिक व धार्मिक महत्व को जाना गया।

राष्ट्रीय मुख्यालय का किया भ्रमण

उत्तराखंड से हाइक दल ने नई दिल्ली वापसी की। दल का पड़ाव भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय मुख्यालय में था। यहां पर राष्ट्रीय मुख्यालय के ऑफिसियटिंग डायरेक्टर कृष्णास्वामी आर ने प्रतिभागियों के साथ बैठक कर स्काउट आंदोलन को और मजूबत करने सहित अन्य बिंदुओं पर चर्चा की। कृष्णास्वामी ने कोरबा जिले की स्काउट गाइड गतिविधियों की सराहना की। जिले की ओर से ऑफिसियटिंग डायरेक्टर कृष्णास्वामी तथा ज्वाइंट डायरेक्टर राजकुमार कौशिक को प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने देश की राजधानी का भ्रमण भी किया।