कोरबा। नईदुनिया न्यूज

जिले में नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी विकास कार्यक्रम के क्रियान्वयन में तेजी से अमल किया जा रहा है। बुधवार को अलसुबह कलेक्टर किरण कौशल ने लगभग चार किलोमीटर पैदल चलकर करतला विकासखंड के औरा नाला पहुंच नाले पर किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण-अवलोकन किया। उन्होंने जल संसाधन विभाग की ओर से नाले के पानी को सुरक्षित करने और नाले को पुनर्जीवित करने के लिए बनाई गई कार्य योजना अनुसार स्थलों पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जल्द काम शुरू करने कहा।

जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि कुछ दूरी से पंसारी नाला और तुर्री कटरा नाला निकलकर एक स्थान पर मिल रहा है, जो संयुक्त रूप से औरा नाला कहलाता है। लगभग 12 किलोमीटर लंबा यह नाला बारिश को छोड़कर दूसरे मौसमों में जलविहीन रहता है। इस नाले पर डाइटवाल, बोल्डर चेक डैम और कुछ अन्य स्थायी संरचनाएं बनाकर पानी को रोका जाएगा, ताकि नाले के आसपास खेती के लिए सिंचाई का पानी मिल सके और आसपास के क्षेत्र का भूजल स्तर भी बढ़ सके। कलेक्टर कौशल ने औरा नाला पर पानी को रोकने के लिए विभिन्न संरचनाओं का निर्माण कार्य स्वीकृत होने के बाद भी अब तक शुरू नहीं होने पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी के प्रति गहरी नाराजगी जताई। मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी ने काम के लिए लेबर नहीं मिलने की जानकारी दी। जिस पर कलेक्टर ने सरपंच सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मनरेगा के तहत मस्टर रोल इशू कराकर तत्काल गांव के लोगों को काम में लगाने कहा। उन्होंने नाले पर संरचना निर्माण के लिए प्रतिदिन काम करने वाले लोगों की जानकारी भी जिला कार्यालय को अनिवार्यतः उपलब्ध कराने सीईओ को कहा। इस दौरान अनुविभागीय राजस्व अधिकारी बीएस मरकाम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन के जिला कार्यक्रम अधिकारी रामेंद्र सिंह, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आरपी शुक्ला, करतला जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिश्रा और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

अतिक्रमण पर ग्रामीणों को दी समझाइश

कलेक्टर ने औरा नाले पर लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में अतिक्रमण कर ग्रामीणों के खेती किए जाने पर गहरा आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने नाले को पुनर्जीवित करने के लिए अतिक्रमण का कोई स्थाई समाधान खोजने अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को कहा। कलेक्टर ने उपस्थित ग्रामीणों को समझाया कि नाले पर 20 फीट चौड़ाई की लंबी जगह जल प्रवाह के लिए जरूरी है, ताकि नाले के पानी को आगे नाला बंधान कर रोका जा सके। उन्होंने अतिक्रमण कर खेती करने वाले ग्रामीणों को बताया कि नाला बंधान हो जाने पर खेती के लिए ग्रामीणों को पूरे साल पानी मिल सकता है।

पंप लगाकर किसान ले सकेंगे पानी

कलेक्टर ने अतिक्रमण करने वाले ग्रामीणों को 20 फीट चौड़ाई की जगह देने पर एक-एक डीजल पंप देकर पूरे साल खेती और साग-सब्जी के लिए सुविधा देने का भी आश्वासन दिया। कलेक्टर कौशल ने तहसीलदार, मनरेगा के परियोजना अधिकारी, कृषि विभाग के अधिकारी सहित जल संसाधन विभाग के अधिकारी और सरपंच को ग्रामीणों के साथ बैठक कर शासन की इस योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देने और योजना के क्रियान्वयन से होने वाले फायदे के बारे में बताने अधिकारियों को कहा। कलेक्टर ने नाले पर अतिक्रमण कर खेती करने वाले किसानों की संख्या और रकबे आदि की भी जानकारी अगले दो दिन में तैयार कर उपलब्ध कराने कहा।

गोठान निर्माण की धीमी प्रगति पर हुईं तल्ख

कलेक्टर कौशल ने करतला विकासखंड के कोटमेर और नोनबिर्रा गांव में बन रहे गोठानों का भी औचक निरीक्षण किया। कोटमेर के गौठान में अब तक फेंसिंग का कार्य शुरू नहीं होने, एक भी गरवा गोठान में नहीं होने और पानी की व्यवस्था के लिए नलकूप खनन के बाद भी बिजली की व्यवस्था नहीं कर पाने और चारागाह का काम शुरू नहीं कर पाने पर कलेक्टर ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी और मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी के प्रति गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर गोठान के सभी काम युद्ध स्तर पर कराकर पूर्णता की जानकारी देने कहा। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि यदि गोठान का कार्य निर्धारित समय सीमा पर पूर्ण नहीं किया गया तो मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी विनोद रात्रे, रोजगार सहायक मनहरण और पंचायत सचिव प्रदीप शर्मा के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गोठान संचालन के लिए महिला समूह को मिलेगा प्रशिक्षण

नोनबिर्रा के गौठान में कोटना और पैरा के लिए मचान निर्माण की धीमी गति और चारागाह का काम शुरू नहीं होने पर भी कलेक्टर संबंधित अधिकारियों के प्रति तल्ख हुईं। उन्होंने चारागाह के लिए दो अलग-अलग स्थान पर जमीन आवंटित करने पर संबंधित पटवारी और तहसीलदार के प्रति नाराजगी जताते हुए एक ही स्थान पर लगभग 10 एकड़ जमीन चारागाह के लिए दो दिन में चिन्हांकित करने कहा। कलेक्टर ने गोठान संचालन के लिए महिला समूह को विशेष प्रशिक्षण दिलाने कहा।

सेंद्रीपाली में बनेगा काजू प्रोसेसिंग यूनिट

करतला विकासखंड के ग्रामीणों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सेंद्रीपाली गांव में काजू प्रोसेसिंग यूनिट शुरू की जाएगी। कलेक्टर ने सेंद्रीपाली में प्रोसेसिंग यूनिट के भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के सामने की भूूमि को समतलीकरण कराकर काजू के पेड़ रोपित करने कहा। कलेक्टर ने भवन में टूटफूट की मरम्मत भी करवाने कहा। कलेक्टर कौशल ने गांव के किसान देव प्रसाद और जीवन की दो एकड़ बाड़ी में लगे काजू प्लांटेशन का भी अवलोकन किया और काजू उत्पादन तथा प्रोसेसिंग की संभावनाओं की जानकारी ली। काजू उत्पादन से जुड़े स्व-सहायता समूह के सदस्यों ने कलेक्टर को बैंक से एनईएफटी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराने की जानकारी दी।

कोरबा-चांपा मार्ग के मरम्मत कार्य का निरीक्षण

कलेक्टर ने उरगा से चांपा के पहले तक कोरबा-चांपा सड़क पर चल रहे पेंच वर्क और मरम्मत कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग की लोक निर्माण शाखा के अधिकारियों को तलब कर गुणवत्तापूर्ण कार्य करने कहा। कलेक्टर ने अधिकारियों को कहा कि मजदूरों की संख्या बढ़ाकर बारिश के पहले किसी भी स्थिति में सड़क की मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया जाए। कलेक्टर ने कोथारी के पास सड़क के किनारे हैंडपंप से सड़क पर बहने वाले पानी की उपयुक्त निकासी की व्यवस्था करने के लिए सरपंच को कहा।