कोरबा। पहले तो पति-पत्नी ने एक साथ जमकर शराब का सेवन किया, फिर बाद में शराब कम पड़ जाने पर दोनों के बीच विवाद होने लगा। घंटों दोनों इस बात को लेकर लड़ते रहे और अंततः नशे में धुत पति ने डंडे से पीट-पीटकर पत्नी की रात को हत्या कर दी। इस कदर नशे में था कि उसे इस बात का पता भी नहीं चल सका और वह भी शव के पास ही रात भर सोया रहा।

बाल्को थानांतर्गत आने वाले ग्राम छातासरई निवासी कोरवा आदिवासी मोहनलाल और उसकी पत्नी श्याम बाई 28 अप्रैल को जंगल में बैठकर शराब का सेवन किए। शाम करीब पांच बजे नशे की अवस्था में दोनों लड़ते हुए घर पहुंचे। पास में ही रहने वाली उसकी बेटी बिहानीन और पड़ोसन खुश्बू ने दोनों को विवाद करते हुए आपस में गुत्थम-गुत्था होते हुए देखा था। कुछ देर बाद बिहानीन अपने पति सनी के साथ कहीं चली गई।

रात करीब 12 बजे श्याम बाई की बचाओ-बचाओ की आवाज सुनाई दी तो खुश्बू मौके पर पहुंची। मोहनलाल डंडे से उसकी पिटाई कर रहा था। श्याम बाई से छिपाकर रखा शराब मोहन पी रहा था, इस पर उसकी नजर पड़ गई और दोनों के बीच इसे लेकर विवाद होने लगा। नाराज मोहन डंडे से उसे बेदम पीटने लगा। खुश्बू अपनी तरफ से बीच-बचाव कर वापस घर लौट गई।

बताया जा रहा है कि रात में ही श्याम बाई की मौत हो गई और नशे की अवस्था में ही मोहन शव के पास सोया रहा। दूसरे दिन सुबह छह बजे पड़ोस में रहने वाली खुश्बू पहुंची। बेहोश समझकर उसने श्याम बाई के मुंह में पानी भी डाला, लेकिन उसके शरीर में कोई हरकत नहीं हुई। पᆬुटहामुड़ा में रहने वाले मृतका के भाई बोधन दास को इसकी सूचना देने आरोपित का भाई पहुंचा, लेकिन बोधन ने देर शाम हो जाने की वजह से अंतिम संस्कार में जाने से मना कर दिया। वह दूसरे दिन 30 अप्रैल को पहुंचा।

उसने देखा कि शरीर में कई जगह चोंट के निशान है और उसने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके साथ ही मामले की जांच पड़ताल शुरू हुई और घटना के दो दिन बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने मर्ग कायम कर आसपास में रहने वालों का बयान दर्ज किया। इससे स्पष्ट हो गया कि मोहनलाल की पिटाई की वजह से श्याम बाई की मौत हुई है। पुलिस ने हत्या का अपराध धारा 302 के तहत पंजीबद्ध कर आरोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है।