कोरबा । अचानक आपको पता चले कि आपके गले में पिन फंसा है, तो शॉक लगना लाजमी है। पर मुश्किल तब होगी, जब उसे निकालने ऑपरेशन करने की नौबत हो और जेब में पैसे ही न हों। कुछ यही दशा दर्री में रहने वाले एक परिवार के समक्ष पेश आइ।

एक्स-रे कराने पर एक बालिका के गले में पिन दिखा। दो दिन वे खर्च के लिए परेशान रहे। यह बात कुछ भले लोगों तक पहुंची तो मदद का हाथ बढ़ाया और दोबारा एक्स-रे कराया गया। रिपोर्ट में सब कुछ नार्मल था और पिछली रिपोर्ट में दिख रहा पिन, उसके बाहर बाल में लगे क्लिप की तस्वीर थी, जिसे टेस्ट के दौरान नहीं निकाला गया था।

निर्धन परिवार से ताल्लुक रखने वाली बालिका व उसकी मां के जीवन में मानों उस वक्त पहाड़ टूट पड़ा, जब डॉक्टर ने कहा कि उसके गले का ऑपरेशन करना होगा। महंगी सर्जरी का बोझ जल्द नहीं उठाया गया तो उसकी बेटी की जान पर आफत आ सकती है।

दरअसल एक्स-रे रिपोर्ट में उसके गले में एक पिन होने की तस्वीर आइ थी, जिसे निकालने ऑपरेशन की बात कही गई। दो दिन वे यही सोचते रहे कि आखिर इतना पैसा कहां से आएगा। इस बीच उनकी पीड़ा मारवाड़ी युवा मंच दर्री-जमनीपाली के पूर्व अध्यक्ष मनीष अग्रवाल तक पहुंची।

उन्होंने अपने चिकित्सक मित्र डॉ. राजीव से परामर्श लिया और उन्होंने दोबारा टेस्ट कराने का सुझाव दिया। दोबारा एक्स-रे कराए जाने पर पता चला, गले में कुछ नहीं था और पहले की रिपोर्ट में जो तस्वीर गले के भीतर दिख रही थी, वह बाहर बालों में लगी क्लिप की थी, जिसे तकनीशियन टेस्ट से पहले निकालना भूल गया।

इसे चूक कहें या लापरवाही, तकनीशियन की जरा सी गलती ने पहले ही परेशानियों से घिरे इस परिवार को और ज्यादा मुश्किलों में पड़ने मजबूर कर दिया था। जब माजरा सामने आया और उन्हें पता चला कि वह स्वस्थ है, तो खुशी मारे वे उछल ही पड़े और झोली भरके दुआएं दी।