पᆬोटोः 14जानपी 14-पंजीयन कराने बेरोजगारों की भीड़

रोजगार कार्यालय में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या भी 1 लाख 33 हजार से ज्यादा

जांजगीर-चाम्पा। नईदुनिया प्रतिनिधि। रोजगार कार्यालयों में बेरोजगारों की संख्या दिन ब दिन बढ़ रही है, मगर इन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। हालांकि बेरोजगारों को तकनीकी ज्ञान देकर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का शुभांरभ किया गया, लेकिन यह भी केवल कागजों में सिमट कर रहा गया है। जिले में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 1 लाख 33 हजार 463 है। जिला मुख्यालय में संचालित कौशल विकास प्राधिकरण के माध्यम से जिले में 17 हजार 737 बेरोजगारों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध कराए जाने के लिए प्रशिक्षण देकर 10 हजार 468 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का दावा भी किया जा रहा है, मगर 7 हजार 269 प्रशिक्षित बेरोजगारों को भी कोई काम नहीं मिला। इसके अलावा रोजगार कार्यालय में भी बेरोजगारों के आंकड़े कम नहीं हो रहे हैं।

युवाओं को तकनीकी ज्ञान देकर रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का शुभांरभ किया गया। योजना के तहत प्रशिक्षण के बाद युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने या स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जाना है। कौशल विकास योजना का लाभ लेने के लिए बेरोजगारों से आवेदन मंगाया जाता है। आवेदन के आधार पर युवक-युवतियों को उनके पसंद के कार्यो के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। इस योजना के तहत 18 से 45 वर्ष उम्र के लोगों को उनकी रूचि के अनुसार प्रशिक्षण विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से दिया जाता है। केंद्र व राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत विभिन्ना क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है। कौशल विकास योजना के अंतर्गत कंप्यूटर, तकनीकी राज मिस्त्री प्रशिक्षण, बेडसाइट असिस्टेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग पूरा होने पर सरकार द्वारा टेस्ट लेने के बाद उम्मीदवार को सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का लाभ देने के लिए जिले में अधिकृत सेंटर बनाया है। इस योजना का लाभ देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटरों में से बेरोजगार जहां ट्रेनिंग लेना चाहता है, वह अधिकृत ट्रेनिंग सेंटर पर जाकर इच्छानुसार कोर्स चुन सकता है। इन प्रशिक्षुओं को कम से कम 80 घंटे व अधिकत 700 घंटे तक ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग पूरा करने के बाद उम्मीदवार को सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। योजना के तहत प्रशिक्षित लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाता है या किसी संस्थान में उपलब्ध होने पर नौकरी भी मिल जाती है। केन्द्र व राज्य शासन के विभिन्ना विभागों व निजी सेक्टर के सभी कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों, संस्थानों, संगठनों व समूहों के माध्यम से वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। ताकि उन्हें जिले में विभिन्न निजी व शासकीय प्रतिष्ठानों में रोजगार उपलब्ध कराया जा सके या उन्हें स्व रोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जिले के विभिन्न शासकीय व निजी प्रतिष्ठानों द्वारा मई 2012 से अब तक 17 हजार 737 बेरोजगारों को कंप्यूटर, तकनीकी राज मिस्त्री प्रशिक्षण, बेडसाइट असिस्टेंट, मोबाइल रिपेयरिंग, महिलाओं के लिए सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं विभाग द्वारा इनमें से अब तक 10 हजार 468 बेरोजगारों को रोजगार व स्व रोजगार उपलब्ध कराने का दावा भी किया जा रहा है, बावजूद इसके रोजगार कार्यालय में बेरोजगारों की संख्या कम नहीं हो रही है। रोजगार कार्यालय में रोजाना सुबह से ही बेरोजगारों की भीड़ पंजीयन के लगी रहती है।

हर माह बढ़ रहे बेरोजगार

जिले में साल दर साल बेरोजगारों के आंकड़े बढ़ रहे हैं। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले के रोजगार पंजीयन कार्यालय में वर्ष 2014 में 20,167 बेरोजगारों ने रोजगार की उम्मीद को लेकर पंजीयन कराया। इसी तरह वर्ष 2015 में 19 हजार 515, 2016 में 26 हजार 935, 2017 में 22 हजार 467 और चालू वर्ष में 1 जनवरी से 31 मई तक 17 हजार 820 बेरोजगारों ने रोजगार के लिए पंजीयन कराया। जिले में अब तक 1 लाख 33 हजार 463 बेरोजगारों का जीवित पंजीयन है।

रोजगार मेला में एजेंट व सिक्योरिटी गार्ड के ही पद

शासन द्वारा बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के नाम पर रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है, मगर इस मेले में अधिकांश सिक्योरिटी गार्ड और एलआईसी एजेंट की ही भर्ती होती है। इसके अलावा एक, दो निजी फाइनेंस कंपनी के स्टाल लगते हैं, इमसें भी महज 5 से 8 हजार मासिक वेतन की शर्ते होती है, मगर यहां भी कागजों में रोजगार उपलब्ध कराने की औपचारिकता निभा दी जाती है।

निजी कंपनियों में भर्ती की नहीं मिलती सूचना

अनिवार्य सूचना अधिनियम के तहत निजी कंपनियों में भर्ती की सूचना रोजगार कार्यालय में देने का प्रावधान है, मगर अधिकांश कंपनियों में भर्ती गुपचुप तरीके से कर ली जाती है। ऐसे में बेरोजगारों को रोजगार का अवसर नहीं मिल पा रहा है। रोजगार अधिकारी द्वारा भी इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जाती।

''प्रधानमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम के तहत बेरोजगारों को स्वरोजगार व रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण केन्द्रों में अब तक 17 हजार 737 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया था, इनमें से अब तक 10 हजार 468 लोगों को रोजगार व स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है।''

मयंक शुक्ला

सहायक संचालक, कौशल विकास प्राधिकरण

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