पᆬोटो- 8 जानपी 12 - लोक अदालत में जिला न्यायाधीश सहित अन्य लोग

पᆬोटो- 8 जानपी 13 - दीप प्रज्जवलित करते जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव

एक करोड़ से अधिक का समझौता अवार्ड पारित, नौ दंपत्ति साथ रहने को हुए राजी

जांजगीर-चांपा। नईदुनिया न्यूज। नेशनल लोक अदालत में आज न्यायालयों के 337 प्रकरण सहित कुल 441 मामलों का निराकरण करते हुए एक करोड़ से अधिक का समझौता अवार्ड पारित किया गया। परिवार न्यायालय के 9 मामलों में दम्पत्ति साथ-साथ रहने को तैयार हुए।

जिला न्यायाधीश राजेश श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्जवलन कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय एके धु्रव, विशेष न्यायाधीश श्रीमती नीता यादव, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुश्री संघरत्ना भत्‌पहरी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती कीर्ति लकड़ा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उदयलक्ष्मी सिंह परमार, न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार जिंदल, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ नरेश शर्मा द्वारा भी दीप प्रज्जवलन किया गया। इस दौरान्‌ प्रशिक्षु न्यायाधीश पायल टोपनो के अलावा न्यायिक कर्मचारीगण और पक्षकारगण उपस्थित थे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं प्राधिकरण की प्रभारी सचिव उदय लक्ष्मी सिंह परमार ने बताया कि प्रकरणों में जिला न्यायालय में कुल 4, कुटुम्ब न्यायालय में 1 खण्डपीठ का गठन किया गया था। इसके अतिरिक्त तालुका स्तर पर तालुका विधिक सेवा समिति सक्ती में तीन, तालुका विधिक सेवा समिति चांपा, पामगढ़, अकलतरा, जैजैपुर, डभरा, मालखरौदा में एक-एक खण्डपीठ का गठन किया किया गया। इस प्रकार पूरे जिले में कुल 14 खण्डपीठों का गठन किया था। उन्होनें आगे बताया कि माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशन में आज पूरे देश में आयोजित वर्ष 2018 की यह पंचम नेशनल लोक अदालत थी, जिसमें जिले की अदालतों से राजीनामा योग्य अपराध के 185, चेक अनादरण के 24, मोटर दुर्घटना दावा के 11 (समझौता अवार्ड राशि उन्तीस लाख सत्तर हजार रूपये)े, वैवाहिक विवाद के 27, विद्युत संबंधी 35, अन्य सिविल वाद के 11 सहित कुल 337 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त 104 प्री-लिटिगेशन आवेदनों का निराकरण करते हुए सोलह लाख सैंतीस हजार छः सौ बासठ रूपए रूपए का समझौता अवार्ड पारित किया गया।

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लोक अदालत में 64 प्रकरणों का निराकरण

सक्ती। किसी भी छोटे-छोटे विवाद को जो राजीनामा योग्य है, उसे शीघ्र निपटारा कर तनावमुक्त होना चाहिये। ऐसे सिविल, दांडिक, क्लेम प्रकरण, बैकों के बकाया, दूरसंचार, बिजली बिल एवं अन्य को राजीनामा के द्वारा निपटारा किये जाने के लिये लोक अदालत सबसे अच्छा मंच है। नेशनल लोक अदालत के अवसर पर सक्ती में तीन खण्ड पीठ बनाया गया था, जिसमें खण्डपीठ क्रमांक 1 प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के न्यायालय में 9 प्रकरण, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश वंदना दीपक देवांगन के न्यायालय में 5 प्रकरण एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अगम कुमार कश्यप के न्यायालय में 50 प्रकरणों का राजीनामा के आधार पर निपटारा किया गया। आज लोक अदालत में ग्रामीण बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारत दूर संचार विभाग, विद्युत विभाग ने भाग लिया। लोक अदालत में अधिवक्ताओं एवं न्यायिक कर्मचारियों का सहयोग रहा ।

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