कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

विधानसभा चुनाव जीतने मैदान में उतरे कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं, जिन्होंने कॉलेज की पढ़ाई के बाद विधि में डिग्री हासिल कर रखी है। रामपुर की सीट जीतने की उम्मीद लेकर भाजपा ने एक बार फिर पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर पर बाजी लगाई है। ननकी की शिक्षा-दीक्षा की बात करें, तो उन्होंने छात्र जीवन में काफी पढ़ाई की। कंवर ने पहले एलएलबी की डिग्री ली, फिर राजनीति शास्त्र में एमए किया और उसके बाद भाजपा के खेमे में सक्रिय रूप से कोरबा, अविभाजित मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में उनका सियासी कॅरियर शुरू हुआ। एलएलबी वाले प्रत्याशियों की लिस्ट में कांग्रेस के रामदयाल उइके व गोंगपा सुप्रीमो हीरासिंह मरकाम का नाम भी शामिल है।

छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव हो या विधानसभा, इनके लिए किस्मत आजमाने शैक्षणिक योग्यता को लेकर कोई दायरा नहीं रखा गया है। राजस्थान में सरपंच बनने कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है, जबकि अन्य निर्वाचन के लिए भी शैक्षणिक योग्यता निर्धारित करने की तैयारी वहां की जा रही है। कोरबा की बात करें, तो यहां चार विधानसभा सीटों पर काबिज होने मैदान में उतरे दलीय या निर्दलीय प्रत्याशियों में पढ़े-लिखों की कमी नहीं। चाहे वे भाजपा-कांग्रेस व जकांछ के दिग्गज उम्मीदवार हों या अन्य, सभी क्षेत्रों में एमए-एमएससी व एलएलबी पास प्रत्याशियों के बीच चुनावी घमासान शुरू हो चुका है। रामपुर क्षेत्र हो, कोरबा-कटघोरा व पाली-तानाखार, सभी विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवार खुद को साबित करने चुनावी रण में कूद चुके कई ऐसे प्रतिस्पर्धी मौजूद हैं, जिसने एलएलबी की डिग्री प्राप्त कर रखी है। अब देखना यह है कि दशकों पहले उच्च शिक्षा में कमाल दिखा चुके इन एलएलबी पास उम्मीदवारों का चुनावी दांव किस करवट बैठता है।

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83 साल के हीरासिंह, 1984 की डिग्री

सुपर सीनियर राजनीतिज्ञ हीरासिंह मरकाम पाली-तानाखार सीट से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के उम्मीदवार के रूप में पुनः किस्मत आजमाने चुनाव मैदान में हैं। 83 साल के मरकाम करीब 34 साल पहले एलएलबी की पढ़ाई कर डिग्री पाई थी। उन्होंने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से एमए के बाद सन्‌ 1984 में इसी विश्वविद्यालय से एलएलबी की डिग्री भी हासिल की थी। एलएलबी की डिग्रीधारी इन प्रत्याशियों में पाली-तानाखार विधानसभा की सीट से तीसरी बार उम्मीदवारी कर रहे विधायक रामदयाल उइके भी शामिल हैं, जो इस बार भाजपा की ओर से अपना दांव खेलने जा रहे हैं। उइके ने वर्ष 2003 में भोज मुक्त विश्वविद्यालय से बीए व गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से आगे की उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए वर्ष 2010 में एलएलबी की डिग्री भी हासिल की।

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विज्ञान, गणित और अर्थशास्त्र में उपाधि

उधर सियासी कॅरियर के पहले मुकाबले में रामपुर की प्रतिष्ठापूर्ण सीट जीत चुके कांग्रेस के कद्दावत उम्मीदवार श्यामलाल कंवर भी गणित संकाय से बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री प्राप्त कर रखी है। कटघोरा क्षेत्र से जकांछ प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत ने 38 साल पहले वर्ष 1980 में बीए पास किया। उसके बाद उन्होंने भी राजनीति और फिर समाजशास्त्र में भी एमए की डिग्री हासिल की। इसी तरह कोरबा से भाजपा प्रत्याशी विकास महतो ने गुरु घासीदास विश्वविद्यालय से वर्ष 1998 में बीएससी व वर्ष 2000 में एमए इकोनॉमिक्स किया था। कोर्ट में वकालत कर चुके ननकीराम ने रविशंकर विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक करने के बाद वर्ष 1969 में एसबीआर कॉलेज बिलासपुर से राजनीति शास्त्र में स्नातकोत्तर किया।

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सिविल इंजीनियरिंग के भी जानकार

जिले की चार विधानसभा सीटों पर कुल 45 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें काफी संख्या में ऐसे प्रत्याशी हैं, जिन्होंने वर्षों पहले कॉलेज की पढ़ाई के दौरान स्नातक में एलएलबी से उच्च शिक्षा पूरी की है। इनके अलावा कई राजनीतिज्ञ ऐसे भी हैं, जिन्होंने राजनीति, समाजशास्त्र व अन्य विषयों में स्नातक व स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की। रामपुर उतरे ननकीराम, कटघोरा से कांग्रेस प्रत्याशी पुरूषोत्तम कंवर ने वर्ष 2002 में एमए समाजशास्त्र और 2004 में हमीदिया महाविद्यालय भोपाल से एमए राजनीति किया। हीरासिंह ने भी राजनीति में भी स्नातकोत्तर हैं। कोरबा विधानसभा में स्वतंत्र एवं युवा उम्मीदवार विशाल केलकर इंजीनियर हैं, जबकि एलएलबी उम्मीदवारों में अमरनाथ अग्रवाल, शत्रुहन साहू व रामपुर क्षेत्र से अंबेडकराइट पार्टी के चंद्रभूषण कंवर भी हैं, जो अधिवक्ता हैं।