खरियार रोड। नईदुनिया न्यूज

सड़क को अपना आशियाना बना चुके मवेशियों के कारण दुर्घटना बढ़ गई है। रात में सड़क पर बैठे या विचरण करते मवेशियों को वाहन चालक द्वारा देख पाना असंभव हो जाता है, जिसकी वजह से वाहन चालक दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं।

इन दुर्घटनाओं से बचने के लिए ओडिशा के नुआपाड़ा जिला परिवहन विभाग के नेतृत्व में स्थानीय खरियार रोड सेवा समिति ने रात में सड़क पर विचरण करने वाले मवेशियों के सींग एवं गले पर रेडियम पट्टी लगाई, जिससे अंधेरे में उनके सड़क पर खड़े होने एहसास वाहन चालकों को हो सके और दुर्घटना से बचा जा सके। तीन दिसंबर को जिला परिवहन अधिकारी पीके परिडा की अगुवाई में परिवहन विभाग व खरियार रोड सेवा समिति की संयुक्त बैठक स्थानीय धर्मशाला में संपन्न हुई थी, जिसमें नगर के सभी वे पशु जिनका बसेरा मुख्य मार्ग पर रहता है, को लाल व पीली रंग की रेडियम पट्टी लगाने का निर्णय लिया गया। उसी रात पी के परिड़ा सहित संस्था के अध्यक्ष बंटी डागा व अन्य मुख्य मार्ग के जानवरों पर पट्टी लगाने का कार्य आरंभ कर दिया। जिसे केएसएस ने आज तक जारी रखा हुआ है। संस्था के उक्त कार्य की सभी खुले दिल से सराहना कर रहे हैं। उक्त अभियान में जिला परिवहन विभाग के उच्च अधिकारी पीके परिडा खरियार रोड सेवा समिति के अध्यक्ष निशांत डागा उर्फ बंटी, संरक्षक प्रेमचंद डागा, छेदी अग्रवाल, राकेश वर्मा, राकेश शर्मा, जगन्नाथ नायक, अनिल शर्मा सहित अन्य सदस्यों का योगदान सराहनीय रहा।

ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के लेटर के बाद जागा जिला परिवहन विभाग

सड़क पर मवेशियों के जमावड़े की वजह से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। इन मवेशियों की वजह से रोजाना सड़कें खून से लाल हो रही है। कई अस्पताल पहुंचे तो कई दुनिया से विदा हो गए। पर अब तक न तो नगर पालिका ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही जिला प्रशासन ने। तीन दिसंबर से जारी रेडियम पट्टी लगाने का अभियान भी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर संजीव पंडा की चिट्ठी का असर मात्र है। उन्होंने प्रदेश के तमाम जिलों के परिवहन विभाग को आदेश जारी किया कि रात्रि में सड़क पर जमावड़ा बनाने वाले सभी मवेशियों के सिंग व गले पर रेडियम पट्टी लगाई जाए, जिससे रात के अंधेरे में रेडियम पट्टी की चमक से सड़क पर पशुओं के होने का अनुमान वाहन चालकों को हो और दुर्घटनाओं में अंकुश लग सके। उन्होंने 29 नवंबर को जारी किए गए अपने पत्र में जगतपुर के महानदी में हुई एक सड़क दुर्घटना का जिक्र भी किया है, जिसमें 11 लोगों की जान गई थी और कई घायल हुए थे। उन्होंने सुरक्षा के उपाय के रूप में 20 दिसंबर तक उक्त कार्य को अंजाम देने की बात कही थी। उल्लेखनीय यह है कि गुरुवार की आधी रात को सिल्दा में सिलसिलेवार हुई तीन दुर्घटना की वजह भी एक भैंस है, जो अचानक सड़क पर आ गई। इस दुर्घटना में पूर्व विधायक राजू भाई धोलकिया बाल-बाल बच गए। वहीं तुरंत घटित अन्य दुर्घटना में घायल हुआ कार चालक सद्दाम महासमुंद के अस्पताल में चिकित्सारत है।

---