महासमुंद। नईदुनिया न्यूज

शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुन्द में संचालित मुफ्त पीएससी कोचिंग में छत्तीसगढ़ की कला संकाय एवं संस्कृति के तहत छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीज त्योहारों की जानकारी दी गई। महाविद्यालय में प्रत्येक शनिवार को 11 से एक बजे तक कोचिंग के संरक्षक प्राचार्य डॉ. एसके चटर्जी, संयोजक डॉ. रीता पाण्डेय, सह संयोजक डॉ. दुर्गावती भारतीय, समिति सदस्य डॉ. अनसूया अग्रवाल, डॉ. जया ठाकुर, डॉ. वैशाली गौतम हिरवे हैं।

आठ दिसंबर को कोचिंग में डॉ. जया ठाकुर विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र द्वारा छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति को जानकारी प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ की प्रमुख त्योहार-हरेली, छेरछेरा, गौरा उत्सव, मड़ई, माता पहुंचनी, बस्तर का दशहरा, नुआखाई, जगार, पोला क्यों कैसे कब मनाया जाता है। छत्तीसगढ़ में प्रचलित नृत्य के बारे में जानकारी दी। बांस गीत पर विस्तृत चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ में यादव समाज द्वारा गायन किया जाता है। बांस गीत के बारे में बताते हुए कहा कि बांस गीत में 4 फुट लम्बे बांस का टुकड़ा, वाद्य के रुप में उपयोग किया जाता है। जिसमें तीन चार गायकों की टोली लोक गायनों का गायन करती है। डॉ. रीता पांडेय विभागाध्यक्ष इतिहास द्वारा इतिहास में इसवी सन एवं ईसा पूर्व के बारे में बताते हुए कहा कि ईसा पूर्व में तथ्य एवं घटनाओं का वर्णन अंग्रेजी वर्णक्रम के बढ़ते हुए क्रम में वर्णन किया जाता है। इतिहास में तथ्यों का महत्व है। तथ्यों का क्रमबद्ध वर्णन इतिहास है। कोचिंग में नंदकुमार दीवान, रेशमा खान, खिलेश्वरी, द्रोपती, कीर्ति दीवान, पुष्पा कुर्रे, छाया, केशर ध्रुव, विकास सेन, भारत निषाद उपस्थित थे।

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