महासमुंद। नईदुनिया न्यूज

शांत्रीबाई कला, वाणिज्य एवं विज्ञान महाविद्यालय महासमुंद में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) के तहत महाविद्यालय की गुणवत्ता में वृद्धि के लिए बेस्ट प्रेक्टिसेस के तहत छात्र-छात्राओं ने कला प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं की ओर से बनाए गए आकर्षक वस्तुओं का अवलोकन करने के पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सविता चंद्राकर ने खूब सराहा। उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला को प्रदर्शित करने के लिए मन के भावों को आकृति प्रदान कर उसमें रंगों का समायोजन करके निखारना है। छात्राध्यापकों के लिए कला शिक्षा का होना अनिवार्य है। क्योंकि कला के माध्यम से वे अपने आने वाले छात्रों को विशेष परिस्थिति के लिए तैयार करते हैं, जिसमें कला का प्रमुख स्थान है। कला प्रदर्शन का आयोजन बीएड विभाग की सहायक प्राध्यापक रंजू प्रजापति एवं पूनम कंजौसिया के मार्गदर्शन में छात्राध्यापकों ने बनाए मिट्टी के बर्तन और खिलौने, पेपर मैसिंग पॉट, मुखौटा, कोलाज पेंटिंग व ड्राइंग तथा कला शिक्षण के तहत पोस्टर का प्रदर्शनी लगाई गई। छात्र-छात्राओं ने अपने कला के माध्यम से भिन्न-भिन्न प्रकार से व्यक्तित्व का प्रदर्शन किया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए वस्तुओं का प्रदर्शनी देखकर महाविद्यालयीन सहायक प्राध्यापक नारायण चक्रधारी, देवेन्द्र चंद्राकर, अमित साहू, देवानंद चंद्राकर, गुलाब चंद्राकर, विष्णु चंद्राकर, घनश्याम साहू, दीपक चंद्राकर, प्रमिला चंद्राकर ने खूब सराहा। यह जानकारी घनश्याम साहू ने दी है।