महासमुंद। नईदुनिया न्यूज

महासमुंद जिले में 16 दिनों में लगभग 70 फीसद तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जा चुका है। जल्द ही निर्धारित लक्ष्य को पूरा कर लिए जाने की उम्मीद है। प्रधान वन संरक्षक ने अंतरराज्यीय सीमा पर अवैध तेंदूपत्ता संग्रहण को रोकने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए।

ज्ञात हो कि प्रदेश के वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक राकेश चतुर्वेदी 17 मई को जिले के अतिसंवेदनशील क्षेत्र बागबाहरा परिक्षेत्र के प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति, टुहलू के तेंदूपत्ता संग्रहण केन्द्र एवं विभागीय संग्रहण वाले कोमाखान समिति का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण तथा बोरा भर्ती कार्य का निरीक्षण करते हुए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा बाड़ी अंतर्गत बागबाहरा परिक्षेत्र के मचका नाला में प्रस्तावित भू-जल संरक्षण कार्य के स्थल का भी निरीक्षण किया।

चतुर्वेदी ने वनरक्षक प्रशिक्षण शाला, महासमुंद में रायपुर वृत्त के समस्त वनमंडलाधिकारी एवं उप वनमंडलाधिकारियों के कार्यों पर समीक्षा बैठक ली, जिसमें मुख्य रूप से व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता के लिए अपात्र आवेदनों का पुनः निरीक्षण करने एवं सामुदायिक वन अधिकार मान्यता के लिए अधिक से अधिक आवेदन प्राप्त कर मान्यता-पत्र प्रदान करने, आगामी वर्षा ऋतु 2019 में वनक्षेत्रों, निजी क्षेत्रों एवं शासकीय संस्थानों द्वारा अधिक से अधिक पौधरोपण कराने की कार्ययोजना पर चर्चा की। वनरक्षक प्रशिक्षण शाला में जीका परियोजना एवं डीएमएफ मद के तहत खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निर्मित बैडमिंटन कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट, टेबल टेनिस, बिलियडर्स एवं लॉन टेनिस कोर्ट का निरीक्षण कर काफी सराहना की।

उन्होंने अधिकारियों से महासमुंद जिले के तेंदूपत्ता सीजन वर्ष 2019 में तेंदूपत्ता संग्रहण के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने बताया की जिले के विभिन्न 13 समितियों में विभागीय संग्रहण का कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष जिले में 95 हजार 400 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण करने का लक्ष्य है। जिसके विरुद्ध 16 मई 2019 तक 67227.525 मानक बोरा तेंदूपत्ता का संग्रहण किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक द्वारा अधिकारियों को उच्च गुणवत्ता वाले तेंदूपत्ता का संग्रहण करते हुए लक्ष्यपूर्ति करने को कहा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री चतुर्वेदी ने विभागीय संग्रहण केन्द्रों के फड़ों पर दीमक से बचाव के लिए कीटनाशक दवा के छिड़काव एवं संग्रहण कार्ड में संग्राहक के प्रत्येक जानकारी इंद्राज करवाने, अग्रिम विक्रित समितियों में संग्रहित तेंदूपत्ता का परिदान क्रेता प्रतिनिधि को 48 घंटा के भीतर करवाने तथा तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक की राशि संग्राहकों के बैंक खाता में शीघ्र हस्तांतरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता भंडारण के पूर्व दीमक रोधी दवा छिड़काव, अग्निशामक यंत्र दुरुस्त रखने पर विशेष ध्यान देने तथा सुरक्षा श्रमिकों को तैनात करने के लिए वनाधिकारियों को निर्देशित किया। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के 18 से 50 वर्ष आयु के मुखियाओं की सूची मई 2019 के अंत तक प्रस्तुत करने के लिए प्रबंध संचालकों को निर्देशित किया गया, ताकि उनका प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा तहत बीमा समय पर कराया जा सके, जिसके अंतर्गत मुखिया के सामान्य मृत्यु होने पर दो लाख रुपये एवं दुर्घटना से मृत्यु होने पर चार लाख रुपये की सहयोग राशि उसके आश्रितों को मिल सके।

गोड़बहाल में रोजगारमूलक कार्यों का अवलोकन

प्रधान वन संरक्षक ने महासमुंद परिक्षेत्र में स्थित आइएसओ प्रमाणित गाड़ाघाट नर्सरी में वृक्षारोपण कार्य के लिए पौधा तैयारी कार्य का निरीक्षण एवं पिथौरा परिक्षेत्र के चरागाह विकास एवं दुग्ध उत्पादन क्षेत्र गोड़बहाल में रोजगारमूलक कार्यों का अवलोकन किया। वन विभाग द्वारा प्रदायित चक्रीय निधि की राशि से गोड़बहाल समिति द्वारा पशुपालन कार्य को 10 गायों से बढ़ाकर 270 गाय एवं दुग्ध उत्पादन को 400 लीटर से बढ़ाकर पांच हजार लीटर तक अर्थात 12 गुणा तक वृद्धि किया गया है। इस सफलता पर समिति संचालक श्री यादराम पटेल से चर्चा की और उनकी तारीफ करते हुए अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए शुभकामनाएं दी। जीविकोपार्जन एवं रोजगारमुखी कार्य अंतर्गत स्थापित वन विज्ञान केन्द्र, मुढ़ीपार में वैज्ञानिक विधि से किए जा रहे मशरुम स्पॉन उत्पादन, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन, मधुमक्खी पालन कार्य का भी अवलोकन किया गया।