बागबाहरा, महासमुंद । कोमाखान थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम उखरा में दो सगी बहनें जलकर खत्म हो गई। दोनों बहनों की लाश पुलिस ने पंचनामा व पोस्टमार्टम पश्चात परिजनों को सौंप दिया है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार उखरा निवासी शिक्षक बेनूराम चौरे की पुत्री मनीषा (24) एवं गरिमा (22) दोनों बहनें हमेशा की तरह 13 फरवरी को भी घर पर ही थी।

उनकी बुआ बेनाबाई खेत गई थी। पिता बेनूराम स्कूल पतेरापाली ड्यूटी पर थे। भाई गिरधर चौरे जो जनपद पंचायत बागबाहरा में आवास मित्र के पद पर कार्यरत हैं। वह अपने पिता को पतेरापाली छोड़कर अपने कार्यक्षेत्र बकमा में थे।

पिता, भाई व बुआ के घर से बाहर जाने के बाद सुबह 11 बजे के करीब पड़ोसियों ने देखा कि बेनूराम के मकान के खिड़की से धुआं निकल रहा है। पड़ोसी महिला घर के समीप पहुंचकर गरिमा को आवाज दी। लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने के कारण मोहल्लेवासियों को चिखते-चिल्लाते बुलाई। जिसमें बेनूराम के बड़े भैया कुंजराम चौरे दौड़कर आया।

उन्होंने देखा कि सामने के दरवाजा में अंदर से ताला लगा है। तभी वह दौड़कर पीछे गया। लेकिन पीछे का भी दरवाजा बंद था। तब वे आनन-फानन में चैनल गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसा। अंदर कैरोसीन की बदबू व धुएं के कारण दोनों बच्ची की स्थिति गंभीर थी।

स्थिति को देखते हुए सभी ने पानी लाकर जलती हुई युवतियों के उपर डाला। लेकिन तब तक मनीषा 24 वर्ष जो मानसिक व शारीरिक रुप से विकलांग थी की मृत्यु हो चुकी थी व छोटी गरिमा की सांसे चल रही थी। परंतु कुछ ही देर बाद वह भी सांस तोड़ दी। ज्ञात हो कि बेनूराम चौरे की पत्नी दुलारी बाई की मृत्यु पूर्व में हो चुकी है। इस घटना से पूरा गांव शोकमग्न है।