सूरजपुर, अंबिकापुर । शासन के परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत विवाहिता ने सूरजपुर जिला अस्पताल में नसबंदी कराई थी और नसबंदी कराने के दो साल बाद अचानक गर्भवती हो गई। अनचाहे गर्भ से परेशान विवाहिता ने स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन देकर चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि जिला मुख्यालय सूरजपुर के नवापारा मोहल्ला निवासी रूपन साहू की धर्मपत्नी लीलावती साहू ने विगत 15 फरवरी 2017 को जिला चिकित्सालय सूरजपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत नसबंदी ऑपरेशन करवाया था। उसने बताया कि सिविल सर्जन डॉ. शशि तिर्की के द्वारा नसबंदी का ऑपरेशन किया गया था।

गर्भवती होने पर पूरा परिवार है सदमे में-

विवाहिता ने बताया कि उसकी तीन संतान है और तीन संतान होने पर ही उसने नसबंदी कराई थी ताकि आगे संतान उत्पन्न न हो विगत 15 मई 2019 को जांच के दौरान पता चला कि वह गर्भवती है तो यह बात उसने अपने पति को बताई और दोनों पति-पत्नी उस दिन से सदमे में है। नसबंदी के बाद भी गर्भधारण होने से अनचाहे गर्भ को लेकर दोनों परेशान हैं।

सिविल सर्जन को दी जानकारी तो धमकी देकर भगा दिया-

नसबंदी ऑपरेशन के बाद गर्भधारण हो जाने की जानकारी जब पीड़ित विवाहिता ने ऑपरेशन करने वाली महिला चिकित्सक सिविल सर्जन डॉ. शशि तिर्की को दी तो सिविल सर्जन डॉ. शशि तिर्की ने कहा कि मैं क्या करूं, अब गर्भवती हो गई है तो इसका पालन पोषण करो और जन्म दो। जब महिला ने गरीब और असहाय होने की बात कही तो उसे धमकी देकर कमरे से बाहर निकाल दिया।

स्वास्थ्य मंत्री एवं उच्चाधिकारियों से की शिकायत, मांगा न्याय-

महिला ने सिविल सर्जन डॉ. शशि तिर्की के बर्ताव से दुखी होने के बाद इसकी शिकायत प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव जिले के कलेक्टर दीपक सोनी पुलिस अधीक्षक जीएस जायसवाल समय अन्य उच्चाधिकारियों से की है। उन्होंने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि वह शारीरिक रूप से कमजोर है। आरती की स्थिति भी ठीक नहीं है, अनचाहे गर्भ और बच्चे से परेशानी बढ़ जाएगी। नसबंदी ऑपरेशन के असफल होने पर पीड़ित परिवार ने क्षतिपूर्ति राशि की मांग की है।