बिलासपुर। रतनपुर क्षेत्र के बड़ी बाजार में विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। रतनपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं महिला के परिजन ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उसे दहेज के नाम पर पति समेत ससुराल पक्ष पिछले कई साल से तंग कर रहा था। इसकी शिकायत पहले भी थाने में की गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से वह दबाव में थी।

पुलिस के अनुसार अंजना गुप्ता पिता राजेंद्र गुप्ता (32) का करीब 10 साल पहले बड़ी बाजार में रहने वाले सुधीर गुप्ता पिता हरियाली गुप्ता (38) से शादी हुई थी। शादी के दौरान अंजना के पिता ने दहेज रूप में चार लाख रुपये दिए थे। आठ साल तक सबकुछ सही चलता रहा।

इसके बाद अचानक ससुराल पक्ष दहेज की मांग को लेकर अंजना को प्रताड़ित करने लगा। तब अंजना ने एक साल पहले प्रताड़ना की शिकायत रतनपुर पुलिस से की थी। इस दौरान उसने पुलिस को जानकारी दी थी कि दहेज के नाम पर मारपीट किया जाता है साथ ही भूखा भी रखा जाता है, लेकिन कोई खास कार्रवाई नहीं की।

इसी तरह करीब छह माह पहले अंजना को घर में बंद कर दिया गया था। तब पुलिस ने ही पहुंचकर उसे बाहर निकाला था, लेकिन उस समय भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में ससुराल पक्ष का हौसला बढ़ गया और प्रताड़ना दिन ब दिन बढ़ती गई। वहीं इससे तंग आकर अंजना ने गुरुवार की रात साढ़े नौ बजे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

कार्रवाई होती तो जिंदा रहती बेटी

अंजना के पिता राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि अंजना से उसके ससुराल वाले लगातार मारपीट कर रहे थे। इसकी शिकायत रतनपुर पुलिस से की थी। यदि कार्रवाई की जाती तो आज उनकी बेटी जिंदा रहती।

पुलिस की गंभीर लापरवाही

महिला संवेदना केंद्र की सदस्य नीतू सिंह का कहना है कि रतनपुर पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी पहली से थी। अंजना संवेदना केंद्र भी पहुंची थी। तब रतनपुर पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार से कार्रवाई नहीं की। पूरे मामले में पुलिस ने घोर लापरवाही बरती है।