कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

जल बचेगा तभी हमारा कल बचेगा। जल का हमने संरक्षण नहीं किया तो हमारा कल असुरक्षित है। नल को खुला छोड़ व्यर्थ पानी बहाना, जरूरत से ज्यादा पेयजल लेकर गिलास में जूठन कर छोड़ना, जल स्त्रोत में गंदगी पᆬैलाना ये सब हमारी नादानी नहीं तो और क्या है। आखिर पढ़े-लिखे सभ्य कहलाने की बजाय इतना असभ्य क्यों हो रहे हैं। यह हमें आज और अभी सोचना होगा।

यह संवाद है नईदुनिया की थीम आधा गिलास पानी से प्रेरित छत्तीसगढ़ी नुक्कड़ नाटक बचाबो पानी, तभे खुशहाल होही हमर जिंगदगानी का। केएन कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयं सेवक छात्र-छात्राओं ने नाटक की प्रस्तुति कोरबा पुराना बस स्टैंड में दी। जल संरक्षण आधा गिलास अभियान में भागीदारी निभाने की पहल करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी व सहायक अध्यापक वाइके तिवारी ने बताया कि नईदुनिया की पहल के बारे में पहले से ही जानकारी थी। थीम आधारित नुक्कड़ नाटक तैयार कर हमने पहल को लोगों तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। श्री तिवारी ने बताया कि एनएसएस के स्वयं सेवक छात्र-छात्राओं ने नाटक की कहानी तैयार की है। नाटक में किस तरह से गांव व शहरों के सार्वजनिक जल स्त्रोत स्थल में पानी को व्यर्थ बहाया जाता, कैसे स्त्रोत स्थल में गंदगी पᆬैलाई जाती, घर में किस तरह से जल का हम दुरूपयोग करते हैं आदि को दर्शाते हुए शानदार अभिनय से छात्र-छात्राओं ने लोगों को संदेश दिया दिया। हास्य पुट के साथ संवाद आदायगी ने दर्शक दीर्घा को बांधे रखा। श्री तिवारी ने बताया कि इस अभियान को मूर्तरूप देने हम गांव-गांव जाकर जागरूक करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय की उपयोगिता के साथ जल स्त्रोत की सुरक्षा के बारे में भी नुक्कड़ नाटक से जानकारी देंगे। जल संरक्षण नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति का बस स्टैंड में उपस्थित यात्रियों, वाहन चालकों व राहगीरों ने लुत्पᆬ उठाया व नाटक की खूब सराहना की। नईदुनिया के अभियान को शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रतिसाद मिल रहा है। अभियान अब कारवां बन गया है। लोग उत्साह से इस अभियान में जुड़ रहे हैं।

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पानी नहीं देंगे व्यर्थ बहने, बनाएंगे वाटर हार्वेस्टिंग

पानी का दुरूपयोग जैसी सत्यता पर आधारित नाटक के किरदार सहित उपस्थित दर्शक दीर्घा ने जल संरक्षण की शपथ ली। शपथ में इस बात का उल्लेख किया गया गया था कि हम शपथ लेते हैं कि शुद्ध जल का आवश्यक उपयोग करते हुए पानी की बर्बादी नहीं करेंगे। घर में पानी का दुरूपयोग नहीं होने देंगे। बारिश की पानी को व्यर्थ बहाव से बचाने घर में वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण करेंगे। जहां कहीं भी खुला नल दिखाई देगा, उसे तुरंत बंद करेंगे। आधा गिलास पानी महत्व लोगों को बताएंगे ताकि वे भी इसका अनुकरण करें।

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नाटक में इनकी रही भागीदारी

नाटक को तैयार करने व भूमिका निभाने में जिन छात्र-छात्राओं की अहम भागीदारी रही उनमें सत्यप्रकाश बघेल, जीत सिंह, लाकेश कुमार पटेल, मृत्युंजय यादव, अंजू पटेल, सुनीता पटेल, ज्योति बरेठ, डाली साहू, काजल गुप्ता, वैशाली भारिया व मनीषा कौशिक शामिल थे। छात्र-छात्राओं ने बताया कि वे जल संरक्षण के बारे में पहले भी नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति देते थे। आधा गिलास पानी से हमने यह जाना कि किस तरह से जल संरक्षण की शुरुआत की जाए। आधा गिलास पानी की बचत एक तरह से व्यक्तिगत पहल है, जिसकी शुरुआत सभी कर सकते हैं।

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आज बड़ों की पहल बच्चों में कल की अच्छी आदत

पᆬोटो नंबर-14केओ19- ताहिरा ।

कटघोरा जेबीडी महाविद्यालय की प्राध्यापिका ताहिरा बेगम ने आधा गिलास पानी बचाने की मुहिम से जुड़कर छात्राओं समेत अन्य लोगों को जागरूक करने का वचन दिया। उन्होंने कहा कि अगर आज बड़े इस संकल्प को धारण करेंगे, तो बच्चों में एक अच्छी आदत कल को सुरक्षित रखेगी। एक व्यक्ति का एक कदम कल सैकड़ों और हजारों मील का सफर तय कर सकता है। यही वजह है जो आज नईदुनिया का यह एक कदम कारवां बनकर समाज को प्रेरित कर रहा है,जिसमें हम भी भागीदार होंगे। पानी का संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी है। इससे पहले हमें व्यक्तिगत तौर संरक्षण के लिए सजग होना होगा।

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पानी बचाना ही जीवन बचाने का अर्थ

पᆬोटो नंबर-14केओ20- प्रीति ।

केएन कॉलेज की सहायक प्राध्यापिका प्रीति द्विवेदी ने नईदुनिया के अभियान की सराहना करते हुए जन-जन तक पहुंचाने व पानी की बचत करने का संकल्प लिया। आधा गिलास पानी अभियान की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि पानी के बगैर जीवन ही संभव नहीं, तो उसके बचाव का अर्थ जीवन को बचाना होगा, जिसके लिए हमें जल संरक्षण करने कटिबद्ध होना होगा। जल केवल मनुष्य के लिए ही नहीं, बल्कि जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों के जीवन के लिए भी उतना ही जरूरी है। पानी की सुरक्षा के लिए हमें स्वयं प्रेरित होकर दूसरों को भी प्रेरित करना होगा।

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लोगों को जोड़ रहे स्वयं सेवक

पᆬोटो नंबर-14केओ21- वाइके तिवारी ।

नईदुनिया का आधा गिलास पानी अभियान शुरू हो चुका है, जिसके हमराही बन शहर के संवेदनशील एनएसएस के स्वयं सेवक छात्र-छात्राओं ने एक नई पहल शुरू कर दी है। अभियान को लेकर जल होगा तो कल होगा का संदेश दिया और लोगों को मुहिम से जोड़ना प्रारंभ कर दिया है। यह बात केएन कॉलेज के एनएसएस प्रभारी व प्राध्यापक वाइके तिवारी ने कही। उन्होंने बताया कि एनएसएस का कदम जल संरक्षण अभियान को जन-जन तक पहुंचाने में जुड़ गया है। पहल से कुछ लोग भी अगर आगे बढ़कर दूसरों को प्रेरित करें, तो उन्हें लगेगा कि उनका यह प्रयास सफल साबित हुआ और यही उनका उद्देश्य है।

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संकट से बचने पेयजल के महत्व को समझना होगा

पᆬोटो नंबर-14केओ22- गांधी चौक निवासियों ने ली जल संरक्षण का संकल्प ।

अगर हम अपने आने वाले समय में पानी के संकट से नहीं गुजरना चाहते, तो पानी के महत्व को समझते हुए उन क्षेत्रों की समस्या को जानना होगा, जहां आज से ही संकट की घड़ी शुरू हो चुकी है। यह कहना है गांधी चौक निवासी राजकुमार ठाकुर का। उन्होंने बताया कि बच्चों के कल के अच्छे भविष्य के लिए हमें आज स्वयं जागरूक नागरिक का परिचय देते हुए घर-परिवार के सदस्यों, मित्रजनों और हर किसी को जागरूक करना होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि अपने घर व आसपास में पानी की बचत के लिए पानी के अनुचित और अनियंत्रित इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश करेंगे। जल की सुरक्षा हम सबकी सुरक्षा है। नईदुनिया की जल सरंक्षण संकल्प में भागीदारी निभाने वालों में शिवकुमार, आर्या अग्रवाल, सागर छाबड़ा, रामचरण श्रीवास्तव, रंजन गिरी, चंदन गिरी, रामकुमार साहू आदि उपस्थित थे।

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व्यक्तिगत भागीदारी से ही होगी शुरुआत

पᆬोटो नंबर-14केओ23- नईदुनिया अभियान में सीतामढ़ी बस्तीवासियों का दिखा उत्साह ।

जल संरक्षण के लिए सामूहिक पहल के संबंध में अक्सर निर्णय लेने की बात हम करते हैं, किंतु यह नहीं हो नहीं पाता। आधा गिलास पानी एक तरह से व्यक्तिगत पहल है। इससे जुड़कर हम पानी बचाने की जो पहल है, उसमें भागीदार बन सकते हैं। पानी की आवश्यकता का तब पता चलता है जब घर का नल बिजली गुल होने की वजह से बंद हो। सीतामढ़ी बस्ती निवासी बृजनंदन बरेठ ने नईदुनिया की पहल के संबंध में कही। उन्होंने कहा कि पानी की सुरक्षा हम सबका का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि पानी के लिए नईदुनिया इसके पहले भी सरोवर संरक्षण के लिए काम किया था, जिसका आज भी लोग अनुकरण कर रहे हैं। रामायण ने कहा कि जल संरक्षण को केवल संदेश तक सीमित न रखकर उसे कार्य में परिणित करने की प्रेरणा है आधा गिलास पानी की बचत। इस अवसर पर माया सिंह, छेदी बरेठ, पटारू लाल, मंगल दास, कुशल प्रसाद, गणेशराम सेन आदि उपस्थित थे।

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मैं अपने घर समेत आसपास में पानी की बचत करूंगा

पᆬोटो नंबर-14केओ24- आरामशीन निवासियों ने आधा गिलास पानी बचत का संकल्प ।

अगर हम अपने आने वाले समय में पानी के संकट से नहीं गुजरना चाहते, तो पानी के महत्व को समझते हुए उन क्षेत्रों की समस्या को जानना होगा, जहां आज से ही संकट की घड़ी शुरू हो चुकी है। यह कहना है आरामशीन बस्ती निवासी मुन्नी नायक का जो समाज सेवा के कार्य से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों के कल के अच्छे भविष्य के लिए हमें आज स्वयं जागरूक नागरिक का परिचय देते हुए घर-परिवार के सदस्यों, मित्रजनों और हर किसी को जागरूक करना होगा। उन्होंने संकल्प लिया कि अपने घर व आसपास में पानी की बचत के लिए पानी के अनुचित और अनियंत्रित इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश करेंगे। जल की सुरक्षा हम सबकी सुरक्षा है। इस दौरान मंजू राजपूत, श्याम महंत, उमा यादव, अनिता क्षत्रीय, अनुसुईया यादव, मेम राठौर, हेमलता चंद्राकर, शांति, पुष्पा, अमरिका, संदीप मानिकपुरी, सौरभ क्षत्रीय हिमांशु चौहान, दुर्गेश, गौरी, साक्षी, सृष्टि, माही आदि उपस्थित थे।