0- फकीरों ने काम व पैसे का प्रलोभन देकर नागपुर ले गए, वहां ले जाकर किया प्रताड़ित

चारामा। नईदुनिया न्यूज

थानाक्षेत्रार्न्‌तगत ग्राम गोलकुम्हडा चारामा से लापता नाबालिग बालक का वाट्सएप्प से पता चलने पर पुलिस ने बालक को नागपुर से पकड़कर परिजनों को सुरक्षित सौंपा। पुलिस एवं लापता बालक दीपकुमार विश्वकर्मा पिता दीलिप विश्वकर्मा 16 वर्षीय से मिली जानकारी के अनुसार सात मई को अपने घर में बिना किसी को बताये वह गोलकुम्हड़ा से धमतरी अपनी बड़ी मां श्यामाबाई विश्वकर्मा के यहां चला गया था। इसके बाद उसके गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके मामा के लड़के बैजनाथ ने चारामा थाने में दी थी। दो तीन दिन रुकने के बाद धमतरी में दो मुस्लमान फकीर ने उसे काम और पैसे का प्रलोभन देकर उसे नागपुर के बड़ा ताज बाग मस्जिद ले गए। वह तब से वही था। यहां उसे प्रताड़ित किया जाने लगा।

उसी ग्राम के एक व्यक्ति के द्वारा बालक से पुछताछ करने पर बालक ने आपबीती बताई, व्यक्ति ने बालक की फोटो और जानकारी वाट्सएप्प पर डाल दी। 15 मई को चारामा पुलिस को वाट्सएप्प पर जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम में प्रदीप शोरी प्रधान आरक्षक, जीवधर गावड़े, और उसके मामा का लड़का बैजनाथ नागपुर के लिए रवाना हुए। जहां दीपकुमार को नागपुर के काज कंपनी ज्योति पॅाली मार्स से बरामद कर वापस छग चारामा लाकर परिजनो को 17 मई को सौंपा गया। पुलिस ने इस घटना से आम जनता से अपील की है कि वे स्वयं व अपने बच्चों को घुमने वाले बाबाओं व फकीरों से सुरक्षति रखे।