बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा कि लोकसभा चुनाव में पूरे देश में प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में लहर चल रही है । इसका कारण अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में शक्ति और शौर्य का प्रदर्शन नरेंद्र मोदी की दर्शन शक्ति व विचार शक्ति अन्य सभी नेताओं से भिन्न है। यह जरूर है कि सन 1977, 79, 96 में हमें थोड़ी देर के लिए नेतृत्व करने का मौका मिला, लेकिन वह समय पर्याप्त नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पांच वर्षो के लिए मौका मिला, जो चुनौती भरा था। नरेंद्र मोदी एक गरीब परिवार का लड़का है। प्रधानमंत्री जैसे शीर्ष पद पर पहुंचे। उन्होंने हमेशा शेर की तरह हुंकार भरी और कभी यह प्रकट नहीं होने दिया कि वे गरीब परिवार के सदस्य रहे हैं।

रतनपुर में चुनावी सभा को संबोधित करते हुुए कहा कि मनमोहन सिंह सरकार के समय 2 जी, 3जी घोटाले हुए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से जब घोटालों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे पता नहीं । यह सरकार दस साल चली, लेकिन यह रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी । पर्दे के पीछे से कोई और ही सरकार चला रहे थे। हमें देश का प्रधानमंत्री ऐसा चाहिए जिसे सभी मुद्दों का पता हो। सभी जानकारी होनी चाहिए । यहां तक ही अपने मंत्रियों का भी वे बराबर ख्याल रखते हैं। एक बार जब मैं लंगड़ाकर चल रही थी तो उनके पीए का फोन आया कि आप के पैरों में कोई तकलीफ तो नहीं हैं तो मैंने उनको बताया कि घुटने में थोड़ी तकलीफ है। एैसे हैं हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। देश और दुनिया की चिंता करने वाले मोदी कहते हैं कि मैं न तो खाऊंगा, और न ही खाने दूंगा । देश की जनता अब भाजपा में रम गई है। केंद्र में भी भाजपा की सरकार होने से उनके मन में भाजपा रच बस गई है। एक प्रकार से उनकी आदत पड़ गई है। अब स्थिति बदल गई है। जनता परिवारवाद को समझ चुकी है । भाई-बहन अब सामने आ चुके हैं और उनके बच्चे भी राजनीति में आने तैयार हो रहे हैं । केंद्र में मोदी के नेतृत्व में शांति सद्भाव और राष्ट्रीयता के साथ हमारी सरकार मजबूती के साथ चल रही है। भाजपा अपने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रवाद गरीबों की सेवा करने की मंशा को नहीं छोड़ा है। राष्ट्रवाद की भावना लिए भारत नए आयाम को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

00 अमर मेरा जुड़वा भाई

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने मां महामाया की नगरी रतनपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल को अपना भाई बताया और कहा कि हम लोग चुनाव में मिलकर सदैव काम करते रहे हैं । चाहे वह खरसिया का चुनाव हो या कोई और । उमा भारती ने कहा कि अमर न केवल मेरे भाई हैं बल्कि यह कहें कि हम लोग जुड़वा भाई-बहन हैं । उन्होंने स्व.लखीराम अग्रवाल स्मरण करते हुए कहा कि मेरी दीक्षा 17 नवंबर 1892 में अमरकंटक में हुई थी । इस दौरान स्व. लखीराम ने वहां की संपूर्ण व्यवस्था व भंडारे का आयोजन किया था।