बिलासपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि । राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) निरीक्षण के लिए तैयारी कर रहे गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय प्रशासन को झटका लगा है। नैक ने फिलहाल निरीक्षण के लिए आवेदन लेना बंद कर दिया है। नवंबर में दोबारा प्रक्रिया शुरू होगी। निरीक्षण के बाद ग्रेडिंग हासिल करना भी आसान नहीं होगा। मापदंडों का पालन अत्यंत कठिन माना जा रहा है।

गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि कुलपति की अध्यक्षता में पिछले दिनों में बैठक भी हो चुकी है। जिसमें नैक निरीक्षण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है। नैक संचालन समिति के समन्वयक प्रो एलपी पटैरिया ने कहा था कि निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। एसएसआर तैयार कर इसे नवंबर में नैक के पोर्टल में अपलोड कर दिया जाएगा।

इन सब के बीच नैक ने कॉलेजों और यूनिवर्सिटी से निरीक्षण के नए आवेदन लेना बंद कर दिया है। जिन कॉलेजों ने आवेदन किए भी थे, उन्हें वापस लौटा दिया गया है। अब यह प्रक्रिया दोबारा से नवंबर माह में शुरू होगी। नई प्रक्रिया में कॉलेजों यूनिवर्सिटी में निरीक्षण केवल औपचारिक रह जाएगा। जो विस्तृत जानकारी ऑनलाइन भेजी जाएगी, उसी के आधार पर ग्रेड तय हो जाएगी। टीम केवल उसकी जमीनी हकीकत जांचने आएगी। साफ है कि इस मापदंड को पूरा करना गुरु घासीदास विवि प्रबंधन के लिए बड़ी चुनौती होगी।

सीयू के अधिकारियों को निर्देश -

कुलपति प्रो.अंजिला गुप्ता ने प्रो पीके बाजपेयी, निदेशक आंतरिक गुणवत्ता मूल्यांकन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी), प्रो एलपी पटैरिया, समन्वयक नैक संचालन समिति, प्रो मनीष श्रीवास्तव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (विकास), नैक कोर समिति के सदस्य, नैक समन्वयक, नैक डाटा कलेक्शन, कम्प्यूटेशनल वर्क एवं रिकार्ड कीपिंग समिति, एवं आइक्यूएसी के सदस्यों सहित विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (विकास) प्रो मनीष श्रीवास्तव एवं रजिस्ट्रार प्रो.शैलेंद्र कुमार को एकजुट होकर इस दिशा में प्रयास करने निर्देश दिया है। दूसरी ओर अब नई गाइडलाइन के मुताबिक ही ग्रेड मिलेगी। ए, बी और सी ग्रेड के बजाय अब ए, प्लस और ए डबल प्लस ग्रेड हो गई है। यही बी और सी ग्रेड में भी रहेगा। मापदंड भी कई गुना कठिन कर दिए गए हैं।

स्टूडेंट बिगाड़ सकते हैं खेल -

नवंबर में आवेदन के बाद टीम आएगी। निरीक्षण के लिए अब नैक के समक्ष लेट ऑफ इंटेंशन भेजना होता है। इसी के आधार पर टीम तीन माह के भीतर किसी तारीख पर निरीक्षण के लिए आती है। पहले टीम ही ग्रेड तय करती थी और पूर्व सूचना पर पहुंचती थी। अब निरीक्षण की तारीख पहले से संस्थानों को नहीं बताई जाएगी और न ही टीम के पास ग्रेड तय करने का अधिकार होगा। टीम के पास महज 20 फीसदी अधिकार रह गए हैं,जबकि 80 फीसदी अधिकार नैक मुख्यालय के पास रहेंगे। ऐसे में टीम के सदस्यों के समक्ष केंद्रीय विवि के स्टूडेंट ने सच्चाई बता दी तो सारा खेल बिगड़ सकता है। कारण की स्थापना के बाद मूलभूत समस्या को लेकर स्टूडेंट लगतार विरोध कर रहे हैं जिन्हें मनाना आसान नहीं होगा।

नैक निरीक्षण के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया पूरी करनी होती है। आइक्यूएसी,एक्यूआर आदि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एसएसआर जमा होता है। इसमें पांच साल का विस्तृत रिकार्ड आंकड़ों सहित देना होता है। अधिकारी इस दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। नवंबर तक हम आवेदन करेंगे।

प्रो.प्रतिभा जे मिश्रा, मीडिया प्रभारी, गुरु घासीदास केंद्रीय विवि