रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

एम्स हॉस्पिटल के ठीक सामने जीई रोड से हीरापुर की तरफ बनाए जा रहे नए बाइपास मार्ग का कार्य पूरा होने से पहले ही स्थानीय लोगों ने जाम की शिकायत की है। डिवाइडर बनाए जाने पर सड़क की चौड़ाई कम होने से जाम लगने की शिकायत लोक निर्माण विभाग से करते हुए निर्माण कार्य में बदलाव करने की मांग की है। सबसे ज्यादा परेशानी पास में मौजूद कॉलोनीवासियों को है। फ्लैट से निकलकर सड़क पर आते ही उन्हें 30 से 40 मिनट ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।

लोगों का कहना है पास में निजी कांप्लेक्स में 150 फ्लैट हैं, जहां के करीब एक हजार रहवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। नई सड़क बनाने के बाद अलग-अलग हिस्सों में बनावट बदली गई है। डिवाइडर बनाने के बाद कहीं सड़क चौड़ी तो कहीं संकरी हो गई है। जिन जगहों में सड़क पार करने का टर्न है वहां वाहनों का जाम लग रहा है। बिना सर्वे के ही सड़क निर्माण किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने पिछले साल अक्टूबर में नई सड़क बनाने काम शुरू किया था। इसके लिए निजी भूमि का अधिग्रहण भी किया गया। सड़क बनाने के बाद चौड़ाई और उसके हिसाब से डिवाइडर बनाने लापरवाही बरती जा रही है। लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अफसरों का कहना है अगर किसी जगह से शिकायत आ रही है तो वहां निरीक्षण करके सुधार किया जाएगा, ताकि लोगों को आने जाने में सहूलियत हो सके।

ट्रैक्टर और स्कूल बस सबसे ज्यादा

नई सड़क में स्कूल बसों के साथ ट्रैक्टरों का सबसे ज्यादा दबाव रहता है। इस कारण जाम की स्थिति बनती है। बड़े वाहनों के मुताबिक सड़क नहीं बनाई गई है। संकरी सड़क पर बड़ी गाड़ियां आगे-पीछे फंस जाती हैं। दोपहिया सवारों को भी इस वजह से परेशान होना पड़ता है।

लोगों की अपील, पाइप लाइन पहले

स्थानीय लोगों का कहना है सुगम और सुरक्षित ट्रैफिक के लिए मार्ग पर डिवाइडर की नहीं, केवल रोड मार्किंग की जरूरत है। डिवाइडर का काम रुकवाना चाहिए। पहले रोड को पूर्ण चौड़ाई में विकसित किया जाए। साथ ही पाइप लाइन, वाटर कनेक्शन, नाली निर्माण कार्य, टेलीफोन कनेक्शन, बिजली पोल की शिफ्टिंग का काम किया जाए।

इधर के लोग परेशान

बड़ी-बड़ी कालोनियों में बसाहट है। इस मार्ग का इस्तेमाल हीरापुर, गुमा, बाना, तेंदुआ एवं आसपास के ग्रामीण करते हैं। शहर जाने का यह मुख्य मार्ग है, इसलिए जाम होने से परेशानी बढ़ती है। सुबह 8 से 10 और शाम चार से छह बजे के बीच सबसे ज्यादा मुसीबत होती है।

वर्सन

सड़क की बनावट के हिसाब से डिवाइडर बनाया जा रहा है। अगर कहीं से शिकायत सामने आई है तो निरीक्षण किया जाएगा। वैसे सड़क की चौड़ाई के मुताबिक ही डिवाइडर बना रहे हैं, ताकि यातायात के लिए स्थिति बेहतर हो सके। - अनिल राय, मुख्य कर्तव्यस्थ अधिकारी, लोक निर्माण