कोरबा। नईदुनिया प्रतिनिधि

निजी महाविद्यालयों की पढ़ाई का स्तर व गुणवत्ता में निखार लाने विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षण संस्थाओं को हर संभव डाटा भेजने कहा है। इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कॉलेजों से कहा गया है कि संस्था में उपलब्ध लैब-लाइब्रेरी, खेल मैदान व अन्य संसाधनों के साथ मौजूद अधोसंरचनाओं का ब्योरा प्रस्तुत करना होगा। इसके अलावा कॉलेज में पढ़ा रहे प्राध्यापक व लैब सहायक समेत अन्य की योग्यता का विवरण भी बीयू को प्रस्तुत करना होगा, ताकि छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुसार बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, यह सुनिश्चित हो सके।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने बिलासपुर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। इसके तहत अब निजी महाविद्यालयों पर लगाम कसते हुए पूछा गया है कि नियमानुसार जिन संसाधनों की जरूरत है, वे इंतजाम संस्था में उपलब्ध हैं या नहीं। बीयू ने उन महाविद्यालयों को भी टारगेट में रखा है, जो डिग्री व डिप्लोमा पाठ्यक्रम का संचालन करते हैं। उच्च शिक्षा विभाग से मिले निर्देश के तहत बीयू निजी कॉलेजों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता लाने व कमियों में सुधार सुनिश्चित करने की बात कहते हुए आवश्यक जानकारी मांगी है। निर्धारित प्रपत्र में मांगी गई जानकारी के अनुसार महाविद्यालय का नाम, वहां उपलब्ध सुविधा व संसाधन, पढ़ाए जा रहे विषय, संकाय व पाठ्यक्रमों समेत उनके अनुसार शिक्षकीय व्यवस्था समेत अन्य जानकारियां भेजने को कहा गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि जिस महाविद्यालय में कंप्यूटर से संबंधित डिग्री व डिप्लोमा कोर्स कराए जा रहे हैं, वहां बच्चों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल हो रहे कंप्यूटरों का मॉडल, संख्या व ऑपरेटिंग सिस्टम कौन सा है, इसका ब्योरा जल्द से जल्द विश्वविद्यालय को प्रस्तुत करने कहा गया है।

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सर्वे ऑन हायर एजुकेशन पर फोकस

ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (एआइएसएचई) के तहत विश्वविद्यालय के पोर्टल में सभी कॉलेजों व उनसे जुड़ा डाटा ऑनलाइन किया जाना है। इस कार्य के लिए कई बार पहले भी सूचना जारी करते हुए महाविद्यालयों को जानकारी भेजने कहा जा चुका है। बावजूद इसके अब भी कई संस्थाओं ने डाटा उपलब्ध नहीं कराया है, जिस पर पुनः ध्यानाकर्षित करते हुए बीयू ने हाल ही में एक नोटिफिकेशन जारी किया था। जिन महाविद्यालयों का पंजीयन एआइएसएचई के पोर्टल पर नहीं हुआ है, उन्हें रिक्वेस्ट फॉर एडिंग इंस्टिट्यूट के लिंक पर जाकर मांगी गई जानकारियां व दस्तावेज अपलोड करें व प्रक्रिया पूरी कर बीयू को अवगत कराने कहा गया था।

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कक्ष में बैठक व्यवस्था व खेल मैदान

संस्थाओं को न केवल शैक्षणिक संसाधनों का ब्योरा भेजना है, बल्कि कॉलेज का नाम, स्थापना वर्ष, वर्तमान स्थिति में कॉलेज के नाम भूमि कितनी है, यह भी बताना है। कॉलेज की कुल भूमि, उसका क्षेत्रफल, अलग-अलग स्थानों में हो तो उसकी जानकारी व दूरी, उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है यह भी बताना होगा। कितनी भूमि में कॉलेज भवन का निर्माण हुआ है और शेष कितनी है, समेत अन्य जानकारियां उपलब्ध कराने कहा गया है। इसके अलावा कॉलेज में उपलब्ध अधोसंरचनाओं, क्लास रूम, छात्रों के एक कक्ष में बैठने की संख्या, प्रयोगशाला, फर्नीचर, खेल मैदान व ग्रंथालय की जानकारी फोटो के साथ भेजने कहा गया है।

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वेबसाइट पर जानकारी कराएं उपलब्ध

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में स्कूलों की फीस से लेकर सभी जानकारी स्कूल के सूचना बोर्ड में चस्पा करने व वेबसाइट में रखने कहा गया है। स्कूलों की तर्ज पर यही व्यवस्था महाविद्यालयों को भी देनी होगी। इसमें कॉलेज की स्थापना से लेकर वर्तमान में उपलब्ध संसाधन व सुविधाओं, एनसीसी, एनएसएस की यूनिट व अन्य गतिविधियों के बारे में बताने कहा गया है। प्रारंभ और वर्तमान में संस्था की दर्ज संख्या, शिक्षकीय व अन्य स्टाफ, विषय-संकाय, संस्था प्रमुख, कमरे, हॉल, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, खेल मैदान, परिसर, गार्डन, जिम, टॉयलेट-बाथरूम, कॉमन रूम, कंप्यूटर लैब व अन्य संसाधनों की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से चस्पा करनी होगी।