राजनांदगांव। मानपुर में संचालित सरस्वती शिशु मंदिर की तीन आदिवासी महिला शिक्षकों को प्रबंधन ने यह कहकर नौकरी से हटा दिया कि वे सुंदर नहीं हैं। इतना ही नहीं उन्हें नौकरी से निकाले जाने का कारण आदिवासी होना भी है। बाकी आदिवासी शिक्षकों और कर्मचारियों को भी धीरे-धीरे इसी तरह हटा दिया जाएगा। यह आरोप है पिछले दिनों स्कूल से निकाली गई महिला आदिवासी शिक्षकों का। उन्होंने इसकी शिकायत कलेक्टर से करते हुए मामले की जांच कर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

सशिमं में सालों से सेवारत महिला शिक्षकों के सामने रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। स्कूल प्रबंधन ने तीन आदिवासी शिक्षकों को खूबसूरत नहीं होने की बात कहकर बाहर का रास्ता दिखा दिया। स्कूल से निकाली गईं शिक्षकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ बिना नोटिस के नौकरी से निकालने व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए इसकी शिकायत कलेक्टर से की है।

सत्र के पहले निकाल दिया

मानपुर के सरस्वती शिशु मंदिर में शिक्षिका लिकेश्वरी रावटे, सरोज जाड़े व चंचल सलामे आचार्य के पद पर कार्यरत थी। शाला प्रबंधन द्वारा नए शिक्षा सत्र शुरू होने के पहले ही तीनों शिक्षिकाओं को बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाल दिया। नौकरी से निकाले जाने के बाद शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है।

पदाधिकारी नहीं देते जवाब

नौकरी से निकाले जाने का कारण पूछने पर भी शाला शिक्षकों को किसी भी प्रकार से जानकारी नहीं दी जा रही है। जिसके कारण शिक्षकों की परेशानी बढ़ गई है। जब शिक्षकों ने नौकरी से निकाले जाने का कारण पूछा तो शाला प्रबंधन ने कहा कि आप लोग आदिवासी हो आपका व्यवहार प्रींसिपल के साथ ठीक नहीं है और आप सुंदर नहीं हो, कहकर निकाल दिया। शिक्षकों ने बताया कि शाला प्रबंधन समित के अध्यक्ष द्वारा भी अभद्र व्यवहार किया गया।

पढ़ाई होगी प्रभावित

नौकरी से निकाले गए शिक्षकों ने कहा कि हम लोग वर्तमान में डीएलएड के परीक्षार्थी हैं। डीएलएड की तैयारी कर रहे हैं। बिना नोटिस दिए नौकरी से निकाले जाने के कारण परेशानी बढ़ गई है। पढ़ाई अधूरी रह जाएगी। शिक्षकों ने बताया कि शाला प्रबंधन समिति द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है। परेशानी बताने पर शाला के पदाधिकारी किसी भी से शिकायत कर लो हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता की धमकी देता है।

- अभद्र व्यवहार व रंगभेद जैसी कोई बात ही नहीं है। शिक्षकों को स्कूल से निकालने का निर्णय शाला प्रबंधन समिति ने लिया है। उन्हीं तीनों शिक्षकों ने समिति के पदाधिकारियों से अभद्र व्यवहार किया।

पूजा मेश्राम, प्राचार्य, सशिमं, मानपुर