बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

हाईकोर्ट ने बेटी की अभिरक्षा दिलाने पिता द्वारा पेश बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने युवती व उसके पति के बालिग होने पर दोनों को साथ में रहने की अनुमति दी है।

रायपुर निवासी 22 वर्षीय युवती ने छह मार्च 2019 को दुर्ग के आर्य समाज मंदिर में दुर्ग निवासी दिनेश कुमार भारती से प्रेम विवाह किया है। शादी के बाद वह पति के साथ रहने लगी। युवती के पिता ने हाईकोर्ट में बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की। इसमें कहा गया कि उसकी पुत्री को दिनेश भारती बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया व उसे मिलने नहीं दे रहा है। उसने बेटी को अभिरक्षा में दिलाने की मांग की। वहीं युवती ने पिता से खुद को और पति की जान को खतरा होने की बात कहते हुए सुरक्षा दिलाने हाईकोर्ट में अलग से याचिका दाखिल की। कोर्ट ने पिता व पुत्री की याचिका में एक साथ सुनवाई करते हुए पुत्री व उसके पति को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया। मामले की सुनवाई के दौरान युवती ने बिना किसी दबाव के दिनेश भारती से विवाह करने व ससुराल में रहने की बात कही। हाईकोर्ट ने युवती एवं युवक दोनों के बालिग होने के कारण पिता की बंदीप्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज किया है। कोर्ट ने युवती को पति के साथ रहने की अनुमति दी। साथ ही किसी प्रकार का खतरा होने पर सुरक्षा की मांग को लेकर कोर्ट जाने की छूट प्रदान की है।