रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

अखिल भारतीय प्रबंध संस्थान (आइआइएम) में देश के 11 राज्यों के प्रोफेसर 20 मई से मैनेजमेंट का पाठ पढ़ेंगे। इसमें शिक्षा प्रणाली, तकनीकी विकास, वित्त और कॉलेजों के संचालन की जानकारी दी जाएगी। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में पांच दिवसीय कार्यशाला में छत्तीसगढ, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, बिहार, झारखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, और त्रिपुरा में संचालित इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसर शामिल होंगे। वीआइपी रोड स्थित एक निजी होटल में विश्व स्तरीय तकनीकी शिक्षा के महत्व को उजागर करने, वर्तमान प्रणाली, प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे में अंतराल और कमियों की पहचान करने, शिक्षा और संसाधन प्रबंधन के वितरण के लिए मानक विकसित करने का पाठ पढ़ाया जाएगा।

गौरतलब बात है कि देश भर के अन्य आइआइएम को छोड़ रायपुर स्थित आइआइएम को यह जिम्मेदारी दी गई है। आइआइएम रायपुर के प्रो. एम. कन्नाधसन, प्रो. धनंजय बापट, प्रो. संजीव प्रसाद ने बताया कि 11 राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, सहायक प्रोफेसर सहित लगभग 45 प्रतिभागी शामिल होंगे। कार्यशाला में संकाय विकास कार्यक्रम विभिन्न विषयों जैसे कि प्रशासन में सुधार, आइसीटी का उपयोग, विजन, मिशन और एकेडमिक में गोल, प्रतिभागी केंद्रित शिक्षण, शैक्षणिक संस्थानों में वित्तीय प्रणाली, टीम का गठन, प्रत्यायन प्रक्रिया, पारस्परिक संबंधों का निर्माण, उद्योग इंटरफेस का विकास, ज्ञान प्रणाली, अनुसंधान और विकास परियोजनाओं के लिए वित्त पोषण, छात्र शिक्षक व्यवहार, लैबोरेटरी, परियोजना प्रबंधन, शैक्षणिक कार्यान्वयन, खरीद प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, और विकासशील वैश्विक नेटवर्क पर केंद्रित है। इस तरह के और कार्यक्रम संकाय सदस्यों, संस्थानों के प्रमुखों और इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए आयोजित किए जा रहे हैं।

प्रदेश के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों पर होगा मंथन

कार्यशाला में प्रदेश के शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्रोफेसर भी शामिल होंगे। मौके पर प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज की रिक्त सीटों, बेहतर प्लेसमेंट, शोध और प्रयोगशाला प्रबंधन पर चर्चा की जाएगी। साथ ही पांच दिवसीय कार्यशाला में प्रदेश के इंजीनियरिंग शिक्षा को बेहतर मंच देने पर भी मंथन किया जाएगा।