रायगढ़। नईदुनिया न्यूज

गौरीशंकर मंदिर चौक स्थित अग्रोहा भवन में 12 से 18 जुलाई तक श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। वृंदावन से पधारे कथावाचक पं मदनमोहन शास्त्री के श्रीमुख से कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो रहे हैं। रविवार को श्री जड़भरत कथा, प्रहलाद चरित्र व नरसिंह अवतार कथा सुनाई गई।

गुरुकृपा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कथा के पहले दिन 12 जुलाई की भागवत कथा पुराण की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई आयोजन स्थल अग्रोहा भवन पहुंची। जहां विधि-विधान से कलश स्थापना व पूजन-अर्चन के बाद कथा प्रारंभ हुई। व्यासपीठ की गद्दी से कथावाचक पं मदन मोहन शास्त्री ने पहले दिन भागवत महात्म्य के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि इस भवसागर से मुक्ति पाने का एकमात्र उपाय भगवद्भक्ति है। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही मोक्ष की प्रा'ति होती है। दूसरे दिन शनिवार को कपिल भगवान चरित्र व ध्रूव चरित्र की कथा सुनाई गई। ध्रूव चरित्र की कथा के दौरान कथावाचक ने बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने की वकालत की। उन्होंने अभिभावकों से अपने साथ बच्चों को भी कथा व सत्संग में लाने के लिए कहा, ताकि उनमें भगवद्भक्ति व अच्छे संस्कार आए। रविवार को पं शास्त्री ने श्री जड़भरत कथा, प्रहलाद चरित्र व नरसिंह अवतार की कथा सुनाई। इस दौरान उन्होंने कहा कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति की जाए, तो भक्त के हर कष्ट दूर हो जाते हैं। भक्ति में भाव होनी चाहिए। सच्चे मन व भाव से पुकारने पर भगवान दौड़े चले आते हैं।

सुमधुर भजनों व आकर्षक झांकी ने मोहा मन

महाराजश्री के साथ कलाकारों की मंडली भी आई हुई है, जो कथा के दौरान सुमधुर भजनों के बीच आकषज्‌क प्रस्तुति दे रही हैं। कथा प्रसंग के अनुरूप भगवान शंकर, राधा-कृष्ण की जीवंत झांकियां सजाई जा रही हैं, जिसे देख श्रद्धालु भाव विभोर हो रहे हैं। कथा के बीच-बीच में सुमधुर भजन संगीत की प्रस्तुति से उपस्थित लोग झूम उठते हैं। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से प्रारंभ होती है।