रायगढ़। जिले में चोरी की घटनाएं बढ़ रही है। उसे देखते हुए यह सोचने पर हर वर्ग मजबूर हो गया है। वही लोग इन चोरी की घटनाओ को रोकने के लिए तमाम प्रकार के सुरक्षा उपकरण को लगाकर घर दफ्तर को सुरक्षित करने को कवयाद कर रहे है। वही चोरों को कैसे पकड़ा जाए इसी सोच को अंजाम देते हुए पुसौर के बड़े भंडार शासकीय हाईस्कूल में पढ़ने वाले दो छात्रों ने फिल्म चोरी की तर्ज पर हाईटेक लेजर बीम डिवाइस बनाए है।

यह डिवाइस 28 फरवरी विज्ञान दिवस के लिए बनाया गया ।जिसमें बताया गया कि इसके इस्तेमाल से चोरी की घटनाओं पर अंकूश लगाया जा सकता है। छात्रों ने बताया कि डिवाईस लगाने के बाद चोर घर के किसी हिस्से से अंदर जाते हैं तो यह अलार्म बज उठेगा बन्नी का मुख्य कारण उक्त डिवाइस में लेजर बीम लगी हुई है जो चारों तरफ से घर को कैप्चर में किए हुए हैं।

यह डिवाइस पूरी तह फिल्मी की तर्ज पर हैं। उक्त डिवाइस को पुसौर बड़े भंडार हाईस्कूल में पढ़ने वाले 11वीं की छात्रा दीप्ती यादव व छात्र सूरत लाल यादव ने महज दो घंटे में यह डिवाइस तैयार किया है। दोनों छात्रों ने अपने इस डिवाइस को लेजर होम सिक्योरिटी सिस्टम नाम दिया है ।

इनका कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर चोरी की घटनाएं होती रहती है। जिसके बारे में समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है। इस डिवाईस की सहायता से इसे दूर किया जा सकता है। दोनों छात्रों ने डिवाइस के बारे में बताया कि घर में लगाने के बाद इसकी रेंज में आनेवाले किसी भी हिस्से से किसी बाहरी व्यक्ति के घर में आने के साथ ही अलार्म बज उठेगा। जिससे चोर को रंगे हाथ पकड़ा जा सकता है। छात्रों के इस डिवाईस को स्कूल प्रबंधन ने भी तारीफ करते नही थक रहे है

ऐसे करता है सिक्योरिटी सिस्टम काम

छात्रों ने बताया कि इस फिलहाल इस डिवाईस को बेहद छोटे स्तर पर बनाया गया है। डिवाइस ने लेजर बीम लाइट स्पीकर माडम डायोड बैटरी व स्विच का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें लेजर लोगों की गतिविधि पकड़कर डायोड से होते हुए स्पीकर में हलचल उत्पन्न करेगा और अलार्म बज उठेगा । छात्रों का कहना था कि इसके रेंज को बढ़ाया जा सकता है, ताकि घर के क्षेत्रफल के अनुसार इसे लगाया जा सके। उनका कहना था कि लगभग दो हजार के खर्च पर बेहतर डिवाईस बनाया जा सकता है।

सरकारी स्कूल के बच्चे लग्न से बढ़ाने कद

देशभर में कल विज्ञान दिवस मनाया जाएगा इस बीच छात्रों ने यह डिवाइस बनाकर अंचल के सरकारी स्कूल को गौरवान्वित किया है। देखा जाए तो सरकारी स्कूल के बच्चे बीएफ आधुनिक व निजी स्कूल की तर्ज पर हाईटेक होने लगे हैं जिसका जीता जागता उदाहरण बड़े भंडार सरकारी स्कूल के बच्चों ने पेश किया है।