रायगढ़, नईदुनिया प्रतिनिधि। रायगढ़ जिले में कृषि विभाग लघु एवं सीमांत किसानों के रिकार्ड अपडेट कर रहा है। 5 एकड़ से कम रकबे वाले करीब पौने 2 लाख किसानों को पीएम किसान समृद्घि में योजना के तहत पहली किश्त के 2-2 हजार रूपए मिलने हैं। केन्द्र सरकार द्वारा बजट में एलान किए जाने के बाद जिले में किसानों को 34 करोड़ रूपए इसके तहत बांटे जाएंगे।

लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्र सरकार द्वारा पेश किए गए अंतरिम बजट में किसानों के लिए जो निश्चित आय की व्यवस्था की गई है। उससे जिले में भी 1 लाख 70 हजार किसानों को फायदा पहुंचने वाला है। 1 फरवरी को अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने पीएम किसान समृद्घि योजना लागू करने का एलान किया है। योजना में 2 हेक्टेयर (5 एकड़ ) से रकबे वाले किसानों को 6 हजार रूपए की मदद दी जानी है। किसानों के बैंक खाते में तीन किश्तों में यह राशि देनी है। चुनावी साल में सरकार ने इस योजना को दिसंबर 2018 से ही लागू करने का एलान किया है।

इसलिए दिसंबर से मार्च तक के पहली किश्त के लिए किसानों को 2 हजार रूपए दिए जाने हैं। रायगढ़ जिले में भी कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार 2 एकड़ तक के रकबे वाले 126529 लघु किसान हैं। वहीं 5 एकड़ तक रकबे वाले 43735 सीमांत किसान हैं। इस लिहाज से जिले में 1 लाख 70 हजार 264 लघु एवं सीमांत हैं। अब योजना के अनुसार इन किसानों को भी इसी वित्तिय वर्ष में पहली किश्त के रूप में दो-दो हजार रूपए की राशि मिलनी है और पूरे जिले में इसके लिए करीब 34 करोड़ रूपए किसानों के बैंक खातों में बांटे जाएंगे।

तो हर साल मिलेंगे 102 करोड़

पीएम किसान समृद्घि योजना में तीन किश्तों में किसानों को कुल 6 हजार रूपए का लाभ मिलना है। इसमें किसानों को हर चार महीनों में 2-2 हजार रूपए उनके बैंक खातों में दिए जाने हैं। रायगढ़ जिले में दर्ज लघु एवं सीमांत किसानों के हिसाब से यह राशि सालाना करीब 102 करोड़ रूपए होती है।

19 प्रतिशत पूंजीपति किसान

जिले में 19 प्रतिशत पूंजीपति किसान भी हैं, जिनके पास 5 एकड़ एवं इससे अधिक का खेती का रकबा है। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले की 9 तहसील में ऐसे 42015 किसान हैं। हालाकि शासन की योजना छोटे सीमांत किसानों के लिए है, इसलिए पूंजीपति किसान इसका लाभ नहीं ले पाएंगे।

जिले में लघु एवं सीमांत किसानों की संख्या करीब 1 लाख 70 हजार है। केन्द्र सरकार ने अंतरिम बजट में पीएम किसान समृद्घि योजना का एलान किया था लेकिन शासन की इस योजना के लिए अभी मुख्यालय स्तर से कोई लिखित आदेश नहीं आया है। - एलएम भगत, डीडीए