रायगढ़ ।नईदुनिया न्यूज

ऐतिहासिक 34 वें चक्रधर समारोह की पहली संगीत संध्या में बनारस घराने के विशाल कृष्णा ने कथक का शुभारंभ हर-हर गंगे से श्रोताओं का मनमोह लिया। उन्होंने पारंपरिक कथक सोला मात्रा की शुद्ध नृत्य करते हुए थाली के ऊपर कथक नृत्य की प्रस्तुति देकर नृत्य का समापन किया। जिसे देख करके तालियों की गडगड़ाहट से समारोह स्थल गूंज उठा। स्थानीय रामलीला मैदान में चक्रधर समारोह की शुरूआत रायगढ़ घराने के कला गुरू वेदमणि सिंह ठाकुर समूह के द्वारा गणेश वंदन की मंगल ध्वनि से हुई।

कला एवं संस्कृति की नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले 34 वां चक्रधर समारोह का आयोजन गणेश चतुर्थी के अवसर पर 13 से 22 सितम्बर तक किया जा रहा है। राजा चक्रधर सिंह खेल प्रेमी थे। इस अवसर पर महिला, पुरूष कुश्ती एवं कबड्डी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया है।

समारोह की तीसरी प्रस्तुति पद्मश्री से सम्मानित मुम्बई की गायिका सुश्री महालक्ष्मी अय्यर ने मेरा देश रंगीला गाने से शुरूआत की तो श्रोतागण झूम उठे। अपनी गायिकी से उन्होंने देर रात तक समा बांधे रखा। उन्होंने सूफी गायन, पुराने नग्मे, गजल और अपने सहयोगी साथी राम अय्यर के साथ डुअेट गाने गाकर दर्शकों का मनमोह लिया। सुश्री महालक्ष्मी अय्यर ने कभी शाम ढले तो । दिल में आ जाना । बोल न हल्के-हल्के । फलक तक चल साथ मेरे । मेरे रूह का परिन्दा फडफड़ाये । सुफी गायन में प्रीत की लत । मौहे ऐसी लागी हो गयी मतवाली । बल-बल जाऊ । गजल, पुराने नग्में में अभी-अभी तो आए हो । बहार बनके छाए हो । ये रात ये मौसम । नदी का किनारे । ये चंचल हवा आदि गाने सुनकर श्रोतागण झूम उठे। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर श्रीमती शम्मी आबिदी, चक्रधर समारोह के नोडल अधिकारी श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।

इस अवसर पर केन्द्रीय इस्पात राज्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधायक रोशन लाल अग्रवाल, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष नरेश पटेल, पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राठिया, पुलिस अधीक्षक दीपक झा, उर्वशी देवी सिंह, विजयश्री सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण, कलाप्रेमी मीडिया के प्रतिनिधि उपस्थित थे। आभार प्रदर्शन कुंवर देवेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो.अम्बिका वर्मा एवं प्राचार्य राजेश डेनियल ने किया।