रायगढ़।नईदुनिया प्रतिनिधि

आरटीई के पोर्टल व नोडल अफसरों की गलती का खामियाजा अब पालक भुगत रहे हैं। जिले में 167 प्राइवेट स्कूलों में ई लॉटरी का काम अधूरा पड़ा है। पहली वरीयता की सूची निकालने के बाद कई स्कूलों में दूसरी वरीयता व इसके बाद की प्रक्रिया पूरी करनी है लेकिन पालकों को जानकारी के लिए बार बार चक्कर लगाना पड़ रहा है।

गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की आरक्षित सीटों में प्रवेश देने की प्रक्रिया को अफसरों ने मजाक बना दिया है। मई महीने के 3 हफ्ते गुजर गए हैं। पर एक भी बच्चे का आरक्षित सीटों पर एडमिशन नहीं हो पाया है। एडमिशन कब से शुरू होगा? नोडल अफसरों के साथ ही डीईओ तक स्पष्ट नहीं कर पा रहे हैं कि आखिर आनलाइन आवेदनों का क्या होगा। सिर्फ एक ही जवाब दिया जा रहा है कि पोर्टल में फिलहाल सुधार हो रहा है। यानी की नोडल अफसरों ने इसमें गलती की और अब खामियाजा आनलाइन पंजीयन कराने वाले पालकों को भुगतना पड़ रहा है। पालक रोज डीईओ दफ्तर और नोडल अफसरों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। जिले में आरटीई के लिए पंजीकृत 365 स्कूलों में से 167 में अभी भी ई लाटरी की प्रक्रिया अटकी हुई है। नोडल अफसरों ने वरीयता क्रम में ध्यान नहीं रखा तो एक ही आवेदन बार बार दिखा रहा है। जिससे आवेदन पेंडिंग पड़े हैं। जबकि डीपीआई ने आदेश जारी किया था कि 2 मई को लाटरी निकालकर भर्ती की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए पर नोडल अफसरों की गलती के कारण यह प्रक्रिया अधर में अटकी है। पालकों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है कि आखिर भर्ती कब तक होगी।