रायगढ़। नईदुनिया न्यूज

निगम प्रशासन के साथ-साथ निगम जनप्रतिनिधि भी अपने कारनामों के कारण सुर्खियों में बने रहते हैं। ऐसा ही वाक्या वार्ड नबंर 14 में देखने को मिल रहा है। जिसमें गत वर्ष बैकुंठपुर रामभांटा जर्जर रोड को नए सिरे से बनाये जाने के लिए निविदा जारी की गई थी। बीटी सड़क नए सिरे से निर्माण की भनक लगने के बाद आनन फानन में स्थानीय पार्षद ने श्रेय लेने की होड़ में भूमिपूजन लाव लश्कर के साथ कर दिए। वही साल भर बाद भी यह सड़क आस्तित्व में नही आ पाया है । जिसका दंश स्थानीय लोगो को जर्जर खस्ताहाल सड़क में आवागमन मजबूरी वश करना पड़ रहा है। बारिश में यह समस्या पूर्ण रुप से विकराल होने की सम्भावना को उत्पन्न कर दिया है। आलम यह है कि इस समस्या को देखते हुए स्थानीय पार्षद ने एक बार फिर से निगम आयुक्त को ज्ञापन देकर जल्द जल्द रामभांटा बैकुंठपुर सड़क निर्माण की मांग किये है॥

आवेदन के माध्यम से आयुक्त को अवगत कराएं की बैकुंठपुर राजा शुक्ला के घर के पास से होंडा शो रूम तक की जर्जर सड़क के लिए द्वितीय निविदा 13 जून 2018 को निकाला गया था। जिसे विकास अग्रवाल ने 18 प्रतिशत न्यूनतम दर दिया। इसके बावजूद ठेकेदार ने उक्त रोड का निर्माण 10 माह तक नहीं किया। जिस पर नगर निगम तत्कालीन आयुक्त नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। बावजूद इसके ठेकेदार ने काम पर रुचि नही दिखाई और अंततरू ठेकेदार का निविदा निरस्त कर अमानत राशि जब्त कर लिया गया। जिसमें तीसरी बार 12 जून 2019 को फिर से टेंडर जारी किया गया। इस बार ठेका संतोष अग्रवाल ने प्राप्त किया उक्त ठेका एमआइसी से स्वी-त भी हो गई पर ठेकेदार ने काम आरंभ नही किया। इस तरह बारंबार ठेकेदार द्वारा निविदा लेने के बावजूद भी रोड निर्माण में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाए। इसे देखते हुए स्थानीय पार्षद ने अपने टीम के साथ निगमायुक्त से जल्द जल्द रोड का निर्माण आरंभ करने की गुहार लगाए है।

आखिर क्यों नही ले रहे है ठेकेदार रुचि

इस मार्ग को सुधार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं जनता लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं । परंतु ठेकेदार ठेका प्राप्त करने के बावजूद भी निर्माण कार्य आरंभ करने से बचते हैं। संबंधित ठेकेदार को नोटिस प्राप्त होने के बावजूद वह कार्य करने कोई दिलचस्पी नही दिखाता है। इस पर उनके द्वार जमा की गई राशि भी जब्त हो जाती है। इन सभी तथ्यों में अवगत होने के बाद जर्जर रोड से जद्दोजहद कर रहे स्थानीय लोगो को जहेन में आखिर ठेकेदार क्यो नही इस मार्ग में काम करना चाहते है यह यक्ष का सवाल बनकर घूम रहा है।