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    सिलिकोसिस की जांच के लिए सक्रिय हुआ महकमा

    Published: Fri, 21 Oct 2016 12:17 AM (IST) | Updated: Fri, 21 Oct 2016 12:17 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    0 मेडिकल कॉलेज के डीन व स्वास्थ्य महकमा की उपस्थिति में हुई बैठक

    0 शिविर लगाने ग्रामीण क्षेत्रों की तय हुई तिथि

    खबर का असर

    रायगढ़ । नईदुनिया न्यूज

    सिलिकोसिस को लेकर स्वास्थ्य महकमा अब नींद से जागते हुए प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर स्वास्थ्य कैम्प लगाने की रणनीति तैयार की गई है। समाचार प्रकाशित करने के बाद मेडिकल कॉलेज डीन की उपस्थिति में स्वास्थ्य महकमा की गत दिवस एक बैठक आहूत कर प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन किया। मिली जानकारी के अनुसार सिलिकोसिस को लेकर सर्वप्रथम शुक्रवार से सराईपाली डारआमा में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सिलिकोसिस मरीजों की पहचान की जाएगी।

    जिले के सराईपाली में बड़े पैमाने पर सिलिकोसिस मरीजों की संख्या सामने आने के बाद भी स्वास्थ्य महकमा नींद में गाफिल रहा। वहीं सिलिकोसिस मरीजों के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को कैम्प के नाम पर हीलाहवाली की खबर को नईदुनिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद स्वास्थ्य महकमा नींद से जागा और मामले में गंभीरता दिखाने बैठक आहूत की गई। जिसमें घरघोड़ा, रायगढ़, तमनार व सारंगढ़ के प्रभावित ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य कैम्प आयोजन करने की शुरुआत करने की बात कही। मिली जानकारी के अनुसार सिलिकोसिस मरीजों की पहचान करने पहले सराईपाली, डारआमा गांव को चिन्हित किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर्राडीह, बरपाली, भुईकुर्री में स्वास्थ्य कैम्प लगाने के लिए तिथि तय किए जाने की बात कही है। बैठक में तमनार बीएमओ, क्षय रोग प्रभारी आदि भी उपस्थित रहे।

    पत्थर उत्खनन व क्रशन उद्योग क्षेत्र लक्ष्य में

    मिली जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज डीन की उपस्थिति में हुई बैठक में जिले के ऐसे क्षेत्रों को चिन्हांकित किया गया जहां सिलिकोसिस के मरीज मिल सकते हैं। जिसमें पत्थर उत्खनन क्षेत्र व क्रशर उद्योग को शामिल किया गया। दरअसल ऐसे क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से सिलिकोसिस बीमारी की संभावना व्यक्त की जा रही है। कई ऐसे मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण के अभाव में टीबी मानकर छोड़ दिया जाता है। मिली जानकारी के अनुसार टीबी के खुराक से ठीक नहीं होने पर यह कह कर मरीज को छोड़ दिया जाता है कि समय पर नियमित रूप से डाट्स की खुराक नहीं ली होगी। जिससे बीमारी ठीक नहीं हो रही है। ऐसे मरीज सिलिकोसिस से पीड़ित होते हैं। जो समुचित परीक्षण अभाव में बदहाली की अवस्था में दम तोड़ देते हैं।

    अब तक नहीं आई स्पाईरोमीटर

    सिलिकोसिस नामक गंभीर बीमारी के आसान परीक्षण के लिए बीते दो सालों से इसकी जांच में उपयोग आने वाली मशीन को मंगाने की बात कही जा रही है। स्पाईरोमीटर नामक मशीन काफी महंगी बताई जाती है। जानकारी के अनुसार यह रहने को तो काफी छोटी है लेकिन महंगी है। स्वास्थ्य महकमा बीते दो सालों से स्पाईरोमीटर मंगाने की बात कह रहा है, लेकिन अब तक यह उपकरण नहीं मंगाया जा सका है।

    आ सकते हैं कई मरीज सामने

    खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार से शुरू होने वाले स्वास्थ्य परीक्षण शिविर के बाद कई सिलिकोसिस मरीज सामने आ सकते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिविर रायगढ़, घरघोड़ा, तमनार ब्लॉक के बाद सारंगढ़ ब्लॉक में शुरू किया जाएगा। जहां पत्थर उत्खनन क्षेत्र क्रशर उद्योग क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना है।

    शुक्रवार से हमारा कैम्प सराईपाली व डारआमा से शुरुआत करने जा रहे है। प्रभावित गांव का रुट चार्ट तैयार किया गया है इसी आधार पर स्वास्थ्य कैम्प लगाकर सिलिकोसिस मरीज की पहचान की जाएगी।

    डॉ. टीके टोण्डर

    क्षय रोग प्रभारी

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