रायगढ़। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी एक बार रायगढ़ में अपनी सभा में समय से पहले ही पहुंच गए थे। मंच पर उस समय कोई बड़ा नेता मौजूद नहीं था तो माइक से एलान किया गया कि अटल जी आ गए हैं। यह सुनकर पार्टी के आला नेता विश्राम स्थल से दौड़ते-भागते मंच तक पहुंचे और उनका स्वागत कर विलंब के लिए खेद भी जताया। बात वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव से कुछ पहले की है। अटल जी उस वक्त देश में बीजेपी के सबसे लोकप्रिय चेहरा थे। रायगढ़ में पार्टी की एक विशाल रैली में उनको शामिल होना था। रैली से कुछ हफ्ते पहले ही अटल जी की बायपास सर्जरी हुई थी, इसलिए डॉक्टरों ने उनको थकान वाले कार्यक्रमों एवं धूप से बचने की नसीहत दी थी।

गर्मी के दिन थे और यह रैली शहर के इतवारी बाजार से होकर रामलीला मैदान जाने वाली थी। इसलिए तय किया गया कि अटलजी रैली के दौरान सर्किट हाउस में आराम करेंगे और सीधे मंच पर पहुंचकर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे। अपार भीड़ के साथ रैली दोपहर 12 बजे शुरू हो गई।

सीएम सुंदरलाल पटवा, दिलीप सिंह जूदेव एवं लखीराम अग्रवाल जैसे बड़े नेता पार्टी की रैली को लीड कर रहे थे। उस समय शहर में संघ के पुराने नेता जयदयाल बेरीवाल का घर पार्टी का वार रूम की तरह था। दोपहर करीब ढाई बजे अचानक सर्किट हाउस से फोन आया कि अटल जी रैली देखना चाहते हैं। जिसके बाद कार लेकर सुगनचंद सर्किट हाउस पहुंचे और उनको साथ लेकर वहां से निकले।

अटल जी कार में बंद होकर सामान्य आदमी की तरह दूर से ही रैली का नजारा देखते रहे। उसी दौरान अटल जी ने सभा स्थल ले जाने कह दिया लेकिन उस वक्त सारे बड़े नेता रैली में थे। इसलिए समय व्यतीत करने के लिए उनको एक चौक से दूसरे चौक तक घुमाया जाता रहा लेकिन अटल जी इस वाक्ये को भांप गए और उन्होंने तपाक से कह दिया कि आप मुझे रायगढ़ की सड़कें मत दिखाइए। रैली दिखाकर मंच तक ले चलिए। कोई बात नहीं मै पहले ही पहुंच जाता हूं और वाजपेयी जी मंच पर पहले ही पहुंच गए।

मारुति वैन से घूमा था शहर

सर्किट हाउस से जब फोन आया तो उस वक्त अटल जी को रिसीव करने के लिए कोई वाहन नहीं था। पार्टी के तत्कालीन कार्यकर्ता नटवर रतेरिया ने अपनी मारूति वैन निकाली और सुगनचंद फरमानिया यह मारूति वैन लेकर सर्किट हाउस पहुंचे । रैली से पहले नहीं पहुंचना था इसलिए वैन घंटे भर तक पैलेस रोड, चांदनी चौक, गांजा चौक, कोतवाली से लेकर लालटंकी रोड जैसे व्यस्त मार्गों में घूमती रही।

दौड़ते-भागते मंच पर पहुंचे नेता

रैली के तय कार्यक्रम के अनुसार सभी बड़े नेताओं को सत्ती गुड़ी चौक में एक पदाधिकारी के यहां क्षणिक विश्राम करना था, लेकिन अटल जी सरप्राइज देते हुए सबसे पहले सभा स्थल पहुंच कर मंच पर विराजमान हो गए। उस वक्त कोई नेता वहां नही पहुंच सका था, जिसके बाद मंच से एलान किया गया कि अटल जी आ गए हैं और ऐसा सुनते ही सारे नेता इस चौक से दौड़कर मंच तक पहुंचे।