जगदलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन में पर्यटन को बढ़ावा देने जगदलपुर और अरकू के बीच विक्टाडोम कोच दौड़ाने पर रेलवे विचार कर रहा है। रेल मंत्रालय द्वारा देश के सभी रेलमंडलों से विक्टाडोम कोच की डिमांड मंगाई है। वाल्टेयर रेलमंडल अपने लिए चार विक्टाडोम कोच की मांग करने जा रहा है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। अगले सप्ताह प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जाएगा। पचास फीसदी पारदर्शी कांच से निर्मित देश का पहला और इकलौता विक्टाडोम कोच वाल्टेयर रेलमंडल के अंतर्गत ही किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन में विशाखापट्टनम-अरकू के बीच दौड़ रहा है।

किरंदुल पैसेंजर ट्रेन में विक्टाडोम कोच को जोड़कर पर्यटकों के लिए चलाया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार तीन जनवरी को रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे वोर्ड के चेयरमेन विनोद कुमार यादव ने सभी रेल जोन के महाप्रबंधकों और मंडल रेल प्रबंधकों से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए चर्चा की थी जिसमें विक्टाडोम कोच का प्रस्ताव भी रेलवे ने मांगा था।

उसी आधार पर वाल्टेयर रेलमंडल विक्टाडोम कोच की डिमांड करने जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार जिन मार्गो पर विक्टाडोम कोच दौड़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है उसमें जगदलपुर-अरकू, रायगढ़ा-लक्ष्मीपुर, अरकू-विशाखापट्टनम आदि शामिल है।

रेल मंत्रालय ने विक्टाडोम कोच की डिमांड मांगी है। वाल्टेयर रेलमंडल से चार विक्टाडोम का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजने प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। -जयराम बिरलंगी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वाल्टेयर रेलमंडल

चेन्न्ई में तैयार होता है विक्टाडोम कोच

विक्टाडोम कोच की खास बात यह है कि इसके निर्माण में पचास फीसदी से अधिक पारदर्शी कांच का उपयोग किया जाता है। चालीस सीटर रिवालविंग चेयर वाले इस कोच का निर्माण चेन्नई स्थित कोच फैक्ट्री में किया जाता है। एक कोच तैयार करने में करीब दो करोड़ रूपये की लागत आती है। जगदलपुर से अरकू की दूरी 189 किलोमीटर है। माना जा रहा है कि विक्टाडोम कोच उतारने से जगदलपुर और अरकू दोनों पर्यटन स्थलों में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। विदित हो कि जगदलपुर से अरकू के बीच जैपुर से अरकू के बीच 110 किलोमीटर का सफर अनंतगिरी घाट की घुमावदार रेलपथ और सुरंग रेलपथ से होकर पूरा होगा जिसका पर्यटक इस कोच में अंदर बैठकर पारदर्शी कांच से नजारा देख सकेंगे।

11 सितंबर 2017 को हुई थी घोषणा, पर नहीं हुई पूरी

जगदलपुर-अरकू के बीच पर्यटक ट्रेन चलाने का पहला प्रस्ताव छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड ने 2002 में भारतीय रेलवे को दिया था। उस समय टूरिज्म बोर्ड के तत्कालीन एमडी जयतिलक ने यहां जगदलपुर में इस बात की जानकारी मीडिया को दी थी। बाद में इस प्रस्ताव को रेलवे ने मंजूरी नहीं दी और प्रदेश में सत्ता बदलने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। ढाई साल पहले वाल्टेयर रेलमंडल की तत्कालीन प्रबंधक श्रीमती चंद्रलेखा मुखर्जी ने यहां जगदलपुर में पुलिस अफसरों के साथ केके रेललाइन की सुरक्षा को लेकर उच्चस्तरीय मीटिंग करने के बाद पुलिस कोआर्डिनेशन सेंटर में मीडिया से चर्चा में बताया था कि जगदलपुर-अरकू के बीच पर्यटकों के लिए पर्यटक कोच विक्टाडोम कोच चलाया जा सकता है। जगदलपुर तो यह कोच नहीं पहुंचा लेकिन अप्रेल 2017 में विशाखापट्टनम से अरकू के बीच बस्तर से चलने वाली किरंदुल पैसेंजर ट्रेन में जोड़कर विक्टाडोम कोच का शुभारंभ कर दिया गया। अब नए कोच मिलने के बाद जगदलपुर-अरकू रूट को प्राथमिकता में रखने की बात फिर शुरू हो गई है।