बिलासपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में 23 जून को इंदौर में स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम घोषित होंगे। इसके लिए प्रदेश से बिलासपुर और अंबिकापुर नगर निगम आयुक्त को पीएम का बुलावा आया है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि शहरों का रैंक क्या है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि दोनों ही निगमों को देश में विशेष रैंक हासिल हुआ है।

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पूरे देश में दौरा और जांच पड़ताल का काम पूरा हो चुका है। फिलहाल केंद्र के अधिकारियो ने किस शहर को क्या रैंक दिया है, इसकी घोषणा नहीं की है। अब खबर आई है कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणामों की घोषणा के बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले निगमों को प्रधानमंत्री इंदौर में आयोजित सभा के दौरान सम्मानित कर सकते हैं। इसके लिए केंद्र से निगम आयुक्त को बुलाया गया है।

अंबिकापुर प्रदेश का पहला शहर है जहां स्व सहायता समूहों के जरिए घर-घर से कचरा उठाया जा रहा है। जबकि बिलासपुर ऐसा शहर है जहां कचरे को घर-घर से संकलित करने के अलावा उसका निष्पादन किया जा रहा है। इस तरह दोनों ही निगमों का प्रदर्शन पिछले एक साल में उत्कृष्ट रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बिलासपुर भी अब की बार स्वच्छता के मामले में पूरे देश में सम्मानजनक स्थान पा सकता है।

शिकायतों के निपटारे में रहे प्रथम

शिकायतों के निपटारे में शहर देश में पहले नंबर पर रहा है। यहां ऑनलाइन होने वाली शिकायतों का त्वरित निदान हो रहा था। इसी तरह सार्वजनिक शौचालयों की सफाई में आम लोगों द्वारा दिए गए रैंक में शहर इंदौर के बाद दूसरे नंबर पर रहा है।

जांच से पहले काम शुरू

स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू होने से पहले ही इस बार निगम ने घर-घर से कचरा उठाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा पूरा कचरा कछार डंपिंग पाइंट में जा रहा था। वहां ठेकेदार के कचरे से खाद और प्लास्टिक को अलग करने के काम ने जांच दल को प्रभावित किया।

इनका कहना है

इंदौर में पीएम की सभा में दो निगम आयुक्तों को बुलाया गया है, जिसमें बिलासपुर भी शामिल है। इससे उम्मीद है कि हमें पिछले साल से स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंक मिल सकता है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कौन से शहर को क्या रैंक मिला है - सौमिल रंजन चौबे, आयुक्त, नगर निगम बिलासपुर