रायपुर । अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में बीते 10 महीने में 60 हजार से अधिक मरीजों का उपचार हो चुका है। इन सभी मरीजों को ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श दिया गया। एम्स में 160 बिस्तर का अस्पताल 27 फरवरी से शुरू हो चुका है, लेकिन सुविधाओं के अभाव में अभी गंभीर बीमारी वाले मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। रोजाना ओपीडी में 400 से अधिक मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा है।

'प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' (पीएमएसएसवाय) के शुरू हुए देश के 6एम्स में रायपुर एम्स तेजी से विकास कर रहा है। 102 एकड़ में फैले एम्स कैम्पस में आने वाले दिनों में तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। मरीज को किसी भी जांच के लिए कैम्पस से बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। अभी शुरुआती 10 महीने में ईएनटी, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक, डरमेटोलॉजी, ऑफ्थेलमोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, गाइनेकोलॉजी, डेंटल, साइकेट्रिक और जनरल सर्जरी विभाग स्थापित हो चुके हैं। एम्स निदेशक डॉ. नितिन एम. नागरकर ने बताया कि कुछ ही महीनों के अंदर अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, आपातकालीन सेवाएं और अन्य सुरपस्पेशलिटी विभागों की स्थापना होगी। आचार संहिता हटते ही चिकित्सकों की रुकी भर्ती शुरू हो जाएगी। जनता को न्यूनतम कीमत पर विश्व स्तरीय चिकित्सकीय सुविधाएं, परामर्श उपलब्ध करवाया जाएगा।

133 पदों पर होगी भर्ती-

एम्स में लगातार भर्तियों का दौर जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक 133 पदों पर कंसलटेंट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स की भर्ती होगी। यह प्रक्रिया शुरू भी हो चुकी है। 25 सीनियर रेसीडेंट, 54 जूनियर रेसीडेंट और 41नर्सिंग स्टाफ की नियुक्तियां हो चुकी हैं। वहीं 65 फैक्लटी मेम्बर्स की भी नियुक्तियां हो चुकी हैं।

160 बिस्तर का अस्पताल-

एम्स का अस्पताल 160 बिस्तर है, जिसमें 80 बिस्तर महिलाओं और बच्चों के लिए और 80 बिस्तर पुरुष मरीजों के लिए। वर्तमान में ओपीडी ट्रामा बिल्डिंग के प्रथम तल में संचालित हो रही है। इसी ओपीडी के सामने एक माइनर ऑपरेशन थिएटर शुरू कर दिया गया है। द्वितीय तल में 50 बिस्तर महिलाओं और बच्चों के लिए और तृतीय तल में 50 बिस्तर पुरुषों के लिए होंगे, जबकि आयुष बिल्डिंग में 30-30 यानी कुल 60 बिस्तर की और व्यवस्था की गई है। इसी बिल्डिंग में एक्स-रे यूनिट स्थापित की गई है।

एमबीबीएस का तीसरा बैच-

24सितंबर, 2012 को एम्स में एमबीबीएस का प्रथम बैच और 1अगस्त 2013 को बीएससी नर्सिंग का प्रथम बैच शुरू हुआ। इस सत्र में एमबीबीएस का तीसरा बैच शुरू होगा। प्रथम एमबीबीएस बैच में 50, द्वितीय में 100 और आने वाले सत्र में भी 100 छात्रों का दाखिला होगा, जबकि बीएससी नर्सिंग की 50सीट हैं।