दीपक शुक्ला, रायपुर। समाज तक अपने विचार को पहुंचाने के लिए लोग तरह-तरह के माध्यमों का प्रयोग करते हैं। ऐसे ही एक शख्स हैं 'आजाद' , जिनके विचारों की अभिव्यक्ति का माध्यम बनी है उनकी लॉरी साइकिल। यह अपने आप में एक संदेश है। इसके पहिए जब चलते हैं, तो एक सकारात्क विचार लोगों तक पहुंचता है। आजाद का कहना है कार से प्रदूषण फैलता है और गरीब आदमी की पहुंच से यह बाहर भी है, इसलिए उन्होंने अपनी साइकिल को लॉरी कार साइकिल बना दिया।

अब वे इस साइकिल पर सवार होकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। इसके साथ एक संदेश और है इनका, अपनी ख्वाहिशों को दायरे में मत बांधो, बस अपने दायरे में रहकर इन ख्वाहिशों को पूरा करो।

प्रयागराज उत्तर प्रदेश के रहने वाले आजाद खान अपनी आजाद यात्रा पर रायपुर पहुंचे। उनकी लॉरी साइकिल यहां लोगों के कौतूहल का विषय बन गई। इस साइकिल में हैंडल की जगह स्टेयरिंग, डिस्क ब्रेक ओर न जाने क्या-क्या इक्यूपमेंट लगे हैं जो इसे कार की तरह बनाते हैं। इसमें हॉर्न भी बजता है और इसकी साजो सज्जा किसी लॉरी की तरह है।

आजाद अपने इस विशेष वाहन को 'लॉरी साइकिल' कहते हैं। आजाद पिछले एक दशक से देश के अलग-अलग शहरों-गांवों में अपनी इस साइकिल की सवारी कर पहुंचते हैं और लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।

आजाद का कहना है कि लालच और एक दूसरे की बराबरी करने की प्रवृत्ति लोगों में बढ़ रही है। इससे लक्जरी की चाहत पैदा होती है और इंसान अपने आर्थिक दायरे से बाहर जाकर उन्हें पूरा करने की कोशिश करता है, जो सही नहीं है।

इंसान को ख्वाहिशें रखनी चाहिए और उसे अपने दायरे में रखकर पूरा भी करना चाहिए। मेरी यह लॉरी साइकिल, कार और लॉरी में मेरे शौक को भी पूरा करती है।