रायपुर (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आने के बाद निकायों के कामकाज की मानिटरिंग का सिस्टम बदल गया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों से 15 योजनाओं की जानकारी तलब की है। इसमें डोर टू डोर कलेक्शन, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, एलइडी लाइट, वाटर एटीएम, निजी शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, सार्वजनिक शौचालय और स्वच्छता श्रृंगार योजना की जानकारी मंगाई गई है।

इसके आधार पर 17 मई को निकायों के परफार्मेंस को चेक किया जाएगा। बताया जा रहा है कि प्रदेश में पिछले छह महीने में चुनावी गतिविधियों के कारण निकायों का परफार्मेंस चेक नहीं हो पाया था। अब नये सिरे से मानिटरिंग शुरू कर दी गई है।

नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वच्छता को लेकर केंद्र सरकार की गाइडलाइन आई है। इसके आधार पर निकायों की ओर से किये गये बदलाव की जानकारी ली जाएगी। प्रदेश में वाटर एटीएम की सुविधा शुरू की गई है, लेकिन अधिकांश स्थान पर गड़बड़ी की सूचना मिलने के बाद मंत्रालय के अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश के नगरीय निकायों में शौचालय निर्माण के बाद भुगतान और पूरा होने का प्रमाण पत्र नहीं जारी होने के कारण प्रदेश को जीरो ओडीएफ घोषित नहीं किया जा रहा है। इसको देखते हुए निजी शौचालय और सार्वजनिक शौचालय की रिपोर्ट तलब की गई है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास की स्थिति अच्छी बताई जा रही है। नगरीय निकायों में भी प्रधानमंत्री आवास का परफार्मेंस बेहतर पाया गया है। अब इसे और बेहतर करने को लेकर मंथन किया जाएगा।

पंचायतों के बाद अब नगरीय निकाय में भी नरवा, गरुआ मॉडल

पंचायतों के बाद अब नगरीय निकायों में भी नरवा, गरुआ मॉडल लागू किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगरीय निकाय से गोठान, पशुओं के चारे सहित अन्य व्यवस्था को लेकर जानकारी मांगी है। निकायों को सात दिन में गोठान के लिए चयनित स्थान, निकाय के अंतर्गत आने वाले पशुओं की संख्या सहित पानी, चारा, बायोगैस की व्यवस्था के बारे में जानकारी देनी है। यहां दुग्ध संग्रहण केंद्र भी सरकार खोलेगी। नरवा, गरुआ मॉडल प्रदेश में कांग्रेस सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। पंचायतों में अब यह मॉडल बनकर तैयार हो रहा है।