रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में तीसरे चरण की सात सीटों पर भी जमकर वोट बरसे। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और सरगुजा लोकसभा सीटों पर ओवरआल 68.25 फीसद मतदान हुआ। 2014 में इन सात सीटों पर 69.50 फीसद मतदान हुआ था। मतदान का यह आंकड़ा परिवर्तित भी हो सकता है।

उत्साह के आगे बीमारी, दिव्यांगता, बुजुर्गियत भी हार मान गई। कडी धूप और 40 के पार पहुंचा पारा कडी परीक्षा लेता रहा। इसका असर दोपहर में दिखा जरूर लेकिन सुबह और शाम को मतदाताओं ने तपिश को भी हरा दिया। तीसरे चरण में मतदाताओं ने 123 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद कर दिया है। परिणाम के लिए अब 23 मई तक का इंतजार करना पड़ेगा।

राज्य में पहले चरण में बस्तर व दूसरे चरण में कांकेर, राजनांदगांव और महासमुंद लोकसभा सीटों के लिए मतदान कराया गया था। तीसरे चरण की सात सीटों के साथ राज्य की सभी 11 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया है।

राज्य की सभी 11 सीटों पर इस बार मतदान का आंकडा 68.93 फीसद पर पहुंच गया है। जो 2014 में हुए 69.39 फीसद से थोड़ा ही कम है। हालांकि अभी यह अंतिम आंकडे नहीं है। अभी सभी पोलिंग पार्टियों के आंकडे कंपाइल होने के बाद मतदान प्रतिशत और बढ़ेगा।

नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर डराने की कोशिश की

तीसरे चरण में झारखंड की सीमा से सटे सरगुजा लोकसभा सीट के महज दो पोलिंग बूथ ही नक्सल प्रभावित थे। प्रशासन ने इस बार नक्सल प्रभावित चुनचुना, पुनदाग बूथों को 13 किमी दूर सीआरपीएफ कैंप बंदरचुआं में शिफ्ट कर दिया था। मतदान शुरू होते ही नक्सलियों ने चुनचुना- पुनदाग के पास जंगल में आइईडी विस्फोट किया। जिसमें किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ। यह कायराना हरकत नक्सलियों ने मतदाताओं को डराने के लिए किया लेकिन वोटरों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा।


डेढ़ दर्जन बूथों पर बाधित हुआ मतदान

सातों सीटों के करीब डेढ़ दर्जन बूथों पर ईवीएम की खराबी व मॉक पोल के चलते मतदान में आधे घंटे से लेकर एक घंटे तक व्यवधान आया। बिलासपुर लोकसभा के मस्तूरी विधानसभा चुनाव क्षेत्र के केंवटाडीह टांगर बूथ क्रमांक 244 में वीवीपैट मशीन खराब होने से एक घंटे देर से वोटिंग शुरू हुई।

मधुमक्खियों के हमले में छह घायल

रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के जशपुर स्थित कुनकुरी बूथ क्रमांक 73 से 75 के बीच मौजूद मतदाताओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। इसमें छह लोग घायल हो गए।