रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजीदास टंडन का 91 वर्ष की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया। राजभवन में सुबह करीब नौ बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद उन्हें तत्काल शासकीय आंबेडकर अस्पताल ले जाया गया। पूरी कोशिश के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं पाए।

हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने दोपहर करीब दो बजकर 10 मिनट पर टंडन के निधन की सूचना दी। राज्य सरकार ने प्रदेश में 20 अगस्त तक राजकीय शोक की घोषणा की है। हालांकि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस होने के कारण ध्वज नहीं झुकाया जाएगा। टंडन छत्तीसगढ़ के पांचवें राज्यपाल थे।

दिवंगत राज्यपाल के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए राजभवन में रखा गया। शाम साढ़े पांच बजे राजभवन के जवानों ने उन्हें अंतिम गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। निधन की सूचना मिलते ही टंडन के पुत्र चंडीगढ़ भाजपा के अध्यक्ष संजय टंडन भी रायपुर पहुंच गए। पार्थिव शरीर को विशेष विमान से चंडीगढ़ के लिए रवाना किया गया। जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।

फहरेगा तिरंगा, नहीं होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

राजकीय शोक के बावजूद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 15 अगस्त को राजधानी रायपुर व सभी जिला मुख्यालयों समेत पूरे राज्य में झंडा वंदन किया जाएगा। लेकिन सरकारी स्तर पर कोई मनोरंजन या सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे। समारोह में राष्ट्रीय धुन भी होगी और परेड की सलामी ली जाएगी। मुख्यमंत्री राज्य की जनता के नाम संदेश पढ़ेंगे, लेकिन पुरस्कार वितरण, सम्मान समारोह तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएंगे।

सीएम जाएंगे चंडीगढ़

दिवंगत टंडन का अंतिम संस्कार बुधवार को उनके गृह जिले चंडीगढ़ में किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व कुछ कैबिनेट मंत्री श्रद्धांजलि देने वहां जाएंगे। राज्य के मुख्य सचिव अजय सिंह व डीपीजी एएन उपाध्याय भी चंडीगढ़ जाएंगे।

कई दिनों से थे अस्वस्थ

राज्यपाल टंडन पिछले कुछ महीनें से अस्वस्थ थे। इसी वजह से उन्होंने सावर्जनिक कार्यक्रमों में आना-जाना कम कर दिया था। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण ही जुलाई में बस्तर आए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के स्वागत में भी टंडन नहीं पहुंच पाए।