रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने किराये के हेलीकाप्टर पर तीन साल में 48 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी माना कि यह फिजूलखर्ची हुई है, इतने पैसे में नए हेलीकाप्टर खरीदे जा सकते थे।

कांग्रेस के अरुण वोरा ने मुख्यमंत्री से पूछा था कि 2016 से 18 तक किन-किन कंपनियों के हेलिकाप्टर किराये पर लिए गए और उन्हें कितना भुगतान किया गया।

जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि ढिल्लन एवियेशन, पवनहंस, हेलिगे चार्टर लिमिटेड, इंडिया फ्लाई सेफ्टी एविएशन और थंबी एविएशन को हेलिकाप्टर के लिए टेंडर दिया गया था। लेकिन, ढिल्लन को छोड़कर बाकी कंपनियों के टेंडर शर्तें पूरी न करने की वजह से निरस्त कर दिया गया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ढिल्लन एवियेशन को 29 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इस पर कांग्रेस के मोहन मरकाम ने कहा कि इतने पैसे में नए हेलिकाप्टर खरीदे जा सकते थे। इस पर सीएम ने कहा कि पुलिस विभाग ने किराये के हेलीकाप्टर पर 48 करोड़ रुपए खर्च कर डाले हैं। उन्होंने माना कि यह फिजूलखर्ची है। इस पर हमारी सरकार विचार करेगी।