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    ATM कार्ड का क्लोन बनाने वाली गैंग का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार

    Published: Fri, 13 Oct 2017 03:51 AM (IST) | Updated: Fri, 13 Oct 2017 10:51 AM (IST)
    By: Editorial Team
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    रायपुर। त्योहारी सीजन में लंबा हाथ मारने की मंशा से राजधानी पहुंचे एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार करने वाले अंतरराज्यीय गैंग के 2 सदस्य क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़ गए, जबकि एक भाग निकला। गैंग ने मौदहापारा स्थित पीएनबी की एटीएम में कार्ड स्वेप करने वाले स्थान पर कार्ड का डाटा कॉपी करने स्कीमर डिवाइस और पिन कोड देखने के लिए सीलिंग में हिडन कैमरा लगा रखा था।

    पकड़े गए फ्रॉड मुंबई के हैं। इस गैंग के लिंक नाइजीरियन गैंग से जुड़े हैं। एटीएम बूथ से चुराए गए सारा डाटा मुंबई जाकर यह गैंग 20 से 50 फीसदी कमीशन लेकर नाइजीरियन गैंग को सौंपने वाला था।

    क्राइम ब्रांच डीएसपी सत्येंद्र पांडेय व क्राइम ब्रांच प्रभारी संजय सिंह ने बताया कि त्योहारी सीजन में उठाईगिरी, ठगी की घटनाओं को ध्यान में रखकर मुख्य बाजार में जवानों को बाहरी और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने तैनात किया गया है।

    बुधवार को बैंक व बाजार व्यवस्था की ड्यूटी में लगे हेड कांस्टेबल जमील खान ने मुंह पर कपड़ा बांधे और टोपी पहनकर जयस्तंभ एटीएम बूथ के पास संदिग्ध हालत में एक युवक को घूमते हुए देखकर पकड़ा। पूछताछ करने पर वह इधर-उधर की बातें कर भ्रमित करने लगा। तलाशी लेने पर उसकी जेब में फेविक्विक मिलने से पुलिस के कान खड़े हो गए।

    किरण होटल में रुके थे ठग

    पूछताछ में युवक ने पहले अपना नाम समशुद्दीन अंसारी निवासी पुणे और बस स्टैंड स्थित होटल ज्योति में ठहरना बताया। होटल के कमरे की तलाशी लेने पर सेलो टेप, कैंची समेत अन्य सामान मिले।

    कड़ाई बरतने पर उसने असली नाम मेहबर पिता वसीम जैतपुर (33) निवासी दफाई टॉवर मस्जिद बंदर जकारिया मस्जिद स्ट्रीट थाना पाईदुनी (मुंबई) बताया। उसने कहा कि आज सुबह ही मुंबई के ही साथी शहनवाज हनीफ सोराठिया (28) व एक अन्य के साथ अमरावती से यात्री बस से यहां पहुंचा था।

    नाइजीरियन को सौंपने वाले थे डाटा

    पुलिस टीम ने मेहबर की निशानदेही पर एमजी रोड में खड़े शहनवाज को भी गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों एटीएम में पैसा निकालने आने वाले सैकड़ों ग्राहकों के डाटा चुराकर चिक्की नामक नाइजीरियन को देने वाले थे। इसके जरिए एटीएम का क्लोन तैयार कर नाइजीरियन मुंबई से बैठे-बैठे पैसा निकालने वाला था।

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