रायपुर। दुर्ग और बेमेतरा जिलों की तीन गोशालाओं में गायों की मौत के मामलों की जांच कर रहे आयोग का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। आयोग अब अगले वर्ष 02 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। यह पांचवां मौका है, जब जांच आयोग का कार्यकाल बढ़ाया गया है।

भाजपा नेताओं से जुड़ी इन गोशालाओं में तीन सौ से अधिक गायों की मौत का आरोप है। उल्लेखनीय है कि 16 अगस्त को दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड के राजपुर गांव की शगुन गोशाला और 18 अगस्त को बेमेतरा जिले के साजा विकासखंड के गोडमर्रा गांव की फूलचंद गोशाला और रानो गांव की मयूरी गोशाला में पशुओं की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी।

सरकार ने इन मामलों की जांच के लिए सेवानिवृत न्यायाधीश एके सामंत रे की अध्यक्षता में एक सदस्यी न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था। आयोग को तीन महीने में रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन अब तक जांच पूरी नहीं हो पाई है।

आयोग का कार्यकाल

सरकार ने 21 नवंबर 2017 को आयोग का गठन किया। आयोग को तीन महीने में 24 फरवरी 2018 तक रिपोर्ट सौंपना था। पहली बार फरवरी में कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ाया गया। इसके बाद 26 मई 2018, 24 अगस्त 2018 और 25 नवंबर 2018 तक कार्यकाल बढ़ा। अब 25 फरवरी 2019 तक बढ़ाया गया है।