रायपुर। रेलवे के एसी कोच में गंदगी और टायलेट का लॉक खराब होने के कारण एक यात्री को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। सेवा में लापरवाही के लिए राज्य उपभोक्ता आयोग ने रेलवे पर 30 हजार रुपए जुर्माना ठोंका है और वाद व्यय पांच हजार रुपए देने का आदेश पारित किया है। इस प्रकरण में रेलवे भुवनेश्वर के महाप्रबंधक, झांसी के सहायक वाणिज्य प्रबंधक और दुर्ग के स्टेशन मास्टर पक्षकार हैं।

दुर्ग निवासी गुरुदर्शन सिंह लाम्बा फरवरी 2014 में अपनी पत्नी और बेटे के साथ दुर्ग से दिल्ली वैवाहिक कार्यक्रम में गए थे। जब वे समता एक्सप्रेस से वापस लौटे तो एसी कोच की हालत खराब थी। कोच में इतनी गंदगी थी कि शौचालय का दरवाजा बंद नहीं हो रहा था। शौचालय का उपयोग करते समय दरवाजा बंद नहीं होने के कारण दूसरे यात्रियों ने दरवाजा खोल दिया, जिससे उनको शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। इसके अलावा एसी ठीक से ठंडा नहीं कर रहा था। ट्रेन में यात्री को हुई मानसिक और शारीरिक कष्ट को लेकर जब रेलवे से शिकायत की गई तो 8 माह तक कोई जवाब नहीं मिला। तब जाकर उपभोक्ता ने जिला फोरम दुर्ग में परिवाद दायर किया। फोरम ने सेवा में कमी के लिए रेलवे को दोषी ठहराते हुए मानसिक कष्ट के लिए डेढ़ लाख रुपए और वाद व्यय के लिए दस हजार रुपए देने का आदेश पारित किया । फोरम के फैसले के खिलाफ रेलवे ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की, जहां आयोग ने भी सेवा में लापरवाही की पुष्टि करते हुए 30 हजार रुपए जुर्माना रेलवे पर ठोंका।