रायपुर। कवर्धा और मुंगेली के रास्ते कटघोरा से डोंगरगढ़ तक नई रेल लाइन की एक और बाधा दूर हो गई। रेल मंत्रालय ने इस प्रोजेक्ट को अपनी सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस संबंध में रेल मंत्रालय का पत्र छत्तीसगढ़ सरकार को मिल भी गया है। इस रेल लाइन की लंबाई करीब 277 किमी होगी। इस पर 4821 करोड़ की लागत आने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ रेल कार्पोरेशन इसके लिए संयुक्त उपक्रम बनाने की तैयारी में जुट गया है, ताकि फंड और लोन की व्यवस्था की जा सके।

फोरम में उठा था मुद्दा

नईदुनिया फोरम में 13 नवंबर को पहुंचे केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने छत्तीसगढ़ में रेल सुविधा के विस्तार की बात कही थी। उसी दिन मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में गोयल ने रेल अफसरों से राज्य के नए रेल प्रोजेक्ट को लेकर 15 दिन में इसे पूरा करने का निर्देश दिया था।

दो हिस्सों में बनेगी रेल लाइन

रेल मंत्रालय ने 277 किमी की इस पूरी रेल लाइन को दो हिस्सों में मंजूरी दी है। पहला हिस्सा कटघोरा से करताला तक 22 किमी का है। दूसरा 255 किमी का होगा जो करताला से शुरू हो कर मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक जाएगी।

2018 में शुरू हो सकता है काम

अफसरों के अनुसार प्रोजेक्ट का अगले छह महीने में भूमिपूजन हो सकता है। हालांकि इससे पहले राज्य के रेल कॉर्पोरेशन और राज्य सरकार को काफी मशक्कत करनी पड़ेगा, क्योंकि प्रोजेक्ट पर होने वाले खर्च की व्यवस्था राज्य को ही करनी है।

पीपीपी पर चल रहे कई प्रोजेक्ट्स

छत्तीसगढ़ में अभी तीन से अधिक बड़े रेल प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं। इनमें रावघाट और रेल कॉरिडोर मुख्य रूप से शामिल हैं। ये सभी बड़े प्रोजेक्ट राज्य सरकार पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पाटर्नरशिप के जरिए बनवा रही है।

50 साल पुरानी मांग के अब पूरा होने की बढ़ी उम्मीद

इस लाइन की मांग करीब 50 साल से की जा रही थी। इस परियोजना से राज्य के दो जिले कवर्धा और मुंगेली के साथ खैरागढ़ व कटघोरा समेत कई हिस्से रेल नेटवर्क में आ जाएंगे। दोनों जिले रेल नेटवर्क से फिलहाल पूरी तरह बाहर हैं। इस लाइन के चालू होने से राज्य की बड़ी आबादी को फायदा होगा।

व्यावसायिक इस्तेमाल की भी पूरी संभावना

इस रेल परियोजना से आम लोगों के साथ व्यावसायिक इस्तेमाल की पूरी संभावना है। कवर्धा और राजनांदगांव क्षेत्र में बाक्साइट समेत अन्य खजिन भंडार हैं। रेल लाइन से इसके परिवहन में भी आसानी होगी।

अभी प्रस्तावित है दो और बड़ी परियोजनाएं

- अंबिकापुर-बरवाडीह (182 किमी)

- दुर्ग- नया रायपुर-बलौदाबाजार-खसरिया- झारसुगड़ा (310 किमी)

इनका कहना है

डोंगरगढ़- बिलासपुर नई रेल परियोजना को रेल मंत्रालय ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इसका पत्र राज्य सरकार को मिल गया है। अब इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार संयुक्त उपक्रम बनाएगी तथा लोन आदि की व्यवस्था की जाएगी।

सुबोध सिंह, सचिव मुख्यमंत्री सचिवालय