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    अंगूठाछाप बेटे को दे दिया पांचवीं का प्रमाणपत्र, पिता ने बदलवा दिया नियम

    Published: Tue, 17 Apr 2018 08:23 AM (IST) | Updated: Tue, 17 Apr 2018 10:24 AM (IST)
    By: Editorial Team
    chhattisgarh village school 17 04 2018

    संदीप तिवारी, रायपुर

    बच्चा पास न हुआ तो परिजन सिफारिश लेकर स्कूल पहुंच जाते हैं, लेकिन यहां उल्टा हुआ। बलरामपुर के आदिवासी पिता सुखलाल नागवंशी के बेटे धीरज को 5वीं में पूर्णता प्रमाण पत्र मिला तो वे खफा हो गए। दरअसल बच्चा अपना नाम तक नहीं लिख सकता था।

    ऐसे बच्चे को पात्रता मिलने को पिता ने बच्चे के साथ धोखा माना और बाल कल्याण समिति में शिकायत की तो हड़कंप मच गया। शिक्षा अफसरों ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश जारी किए हैं कि निर्धारित लर्निंग आउटकम होने पर ही बच्चों को पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।

    रायपुर के डीईओ एएन बंजारा कहते हैं कि पूर्णता प्रमाण पत्र के लिए सख्त हुए नियम को प्रधान पाठकों को भेजा जा रहा है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद पहली से पांचवीं तक किसी बच्चे को फेल नहीं किया जा सकता है, लेकिन इस तरह पूर्णता प्रमाण पत्र देना गलत है।

    पहली बार ऐसे निर्देश राजीव गांधी शिक्षा मिशन के आदेश के मुताबिक प्रधानपाठक बच्चों के लर्निंग आउटकम के आधार पर ही पात्रता प्रमाण पत्र देंगे। इसमें गड़बड़ी होने पर प्रधानपाठकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। अप्रैल 2018 में 5वीं-8वीं की परीक्षा के परिणाम में इस बात का पालन करने को कहा गया है।

    शिक्षा अफसरों को नोटिस देकर बाल कल्याण समिति ने कहा कि बालक कक्षा पांचवीं उत्तीर्ण है, किंतु वह हस्ताक्षर करने में भी असमर्थ है। समिति के समक्ष भी अंगूठा निशान लगाया। बच्चे को कभी पढ़ाया नहीं गया। बच्चा नाम नहीं लिख पाता। इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

    शिक्षित होना तो दूर बच्चा साक्षर भी नहीं हो सका और उसे पात्रता प्रमाण पत्र जारी करना धोखाधड़ी पूर्ण काम की श्रेणी में आता है। पत्र की प्रतिलिपि जब संचालनालय में पहुंची तो हड़कंप मच गया। लिहाजा यह फरमान जारी करना पड़ा।

    इस तरह निर्धारित किया लर्निंग आउटकम

    पहली कक्षा- कविता, कहानी अक्षर ज्ञान- 01 से 20 तक गिनती- अल्फाबेट, पोयमसामान्य जानकारी

    दूसरी कक्षा- पढ़ना, लिखना - 99 तक गिनती - 2-3 साधारण वाक्य - आसपास के पर्यावरण

    तीसरी कक्षा-पढ़ना, संज्ञा, सर्वनाम - 999 तक गिनती, 5 तक टेबल - स्टोरी, पोयम पढ़ना, लिखना - पक्षी, पशु, परिवार

    चौथी कक्षा- कल्पना, कहानी लिखना - 1000 से अधिक की संक्रियाएं - भिन्न् की संक्रियाएं।

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